भोपाल। नवरात्रि से पहले देवी प्रतिमाओं को तैयार करने का काम तेज हो गया है। मां दुर्गा की प्रतिमा बनाने के लिए खास तरह की चिकनी और काली मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है, जो खेतों और खदानों से लाई जाती है। इसके बाद मिट्टी को तैयार कर लकड़ी के ढांचे पर अलग-अलग परतें चढ़ाई जाती हैं और धीरे-धीरे मां का स्वरूप आकार लेता है।
मूर्तिकारों के मुताबिक एक प्रतिमा का आकार तैयार करने में करीब 4 से 8 घंटे लग सकते हैं, जबकि पूरी प्रक्रिया के लिए लगभग 28 दिनों का समय मिलता है। आकार देने के बाद घिसाई, फिनिशिंग, रंग-रोगन और फिर मां का श्रृंगार किया जाता है। इस बार साधारण और पारंपरिक स्वरूप वाली प्रतिमाओं की मांग ज्यादा है। मूर्तिकारों ने बताया कि मिट्टी, मजदूरी और कारीगरों की बढ़ती लागत का असर प्रतिमाओं की कीमत पर भी पड़ा है।
