कटवा (पूर्व बर्धमान), (वार्ता) राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आतंकी संबंधों के आरोप में वरिष्ठ इमाम पियार मोहम्मद शेख की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के कुलुट और पालिशग्राम गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
जांच एजेंसी का मानना है कि शेख पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बंगलादेश (जेएमबी) के नये चेहरे ‘इमाम महमूद काफिला’ (आईएमके) के लिए काम कर रहा था।
मंगलकोट के पालिशग्राम मस्जिद के ‘इमाम साहब’ के रूप में पहचान रखने वाले शेख की गिरफ्तारी से स्थानीय लोग हैरान हैं। उनके परिजनों का दावा है कि वे बेकसूर हैं और तबलीगी जमात के सिलसिले में ही बंगलादेश गये थे। उनके बेटे मिजानुर रहमान के अनुसार, वह जून 2025 में केवल नौ दिनों की वैध वीजा यात्रा पर बंगलादेश गये थे। मस्जिद समिति के बयानों और जांच में मिले अंतरालों के आधार पर एनआईए को संदेह है कि उन्होंने बाद में त्रिपुरा सीमा के रास्ते अवैध रूप से सीमा पार की थी।
गुप्तचर सूत्रों के मुताबिक, 2014 के खागड़ागढ़ विस्फोट के बाद जेएमबी कई गुटों में बंट गया था और अब वह भारत भर में अपना नेटवर्क खड़ा करने के लिए ‘आईएमके’ के नाम से फिर से उभरा है।
एनआईए का आरोप है कि इमाम शेख को इस विस्तार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गयी थी, जिसमें धार्मिक शिक्षा की आड़ में युवाओं का ब्रेनवॉश करना शामिल था।
अधिकारी के अनुसार, शेख पिछले तीन वर्षों से बंगाल, असम और त्रिपुरा में कट्टरपंथी कक्षाएं चला रहा था, जहां उसका मुख्य लक्ष्य असम के हर जिले में पैर पसारना था।
जांच से पता चला है कि यह मॉड्यूल टीमों में काम करता है, जहां एक टीम युवाओं और प्रवासी मजदूरों की भर्ती करती है, जबकि दूसरी टीम सोशल नेटवर्क के जरिये संदेश भेजती है।
नेटवर्क द्वारा एनक्रिप्टेड टेलीग्राम चैनल ‘पूर्वेर आकाश’ का इस्तेमाल किये जाने की बात भी सामने आयी है। एनआईए ने बताया कि शेख बेहद लो-प्रोफाइल रहकर एनक्रिप्टेड ऐपों के जरिये बंगलादेशी आकाओं से जुड़ा हुआ था।
गौरतलब है कि 29 सितंबर को एनआईए ने पश्चिम बंगाल, असम और केरल में छापेमारी कर शेख समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियां अब शेख के पास से जब्त दस्तावेजों, उनके यात्रा विवरणों और फंडिंग नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं। यह गिरफ्तारी पूर्व वर्धमान में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ाती है, जहां पहले भी कई आतंकी मॉड्यूल के तार जुड़ चुके हैं।
