इंदौर:देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को करीब 25 मामले सामने आए. इनमें अधिकांश मामले विद्यार्थियों से जुड़े रहे. नई यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर, परीक्षा परिणाम, रिव्यू के लिए आवेदन और नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली राहत जैसे मुद्दे प्रमुख रहे. परीक्षा नियंत्रक आशीष तिवारी ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनकर नियमानुसार उनके निराकरण की प्रक्रिया की गई.
नई यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों का ट्रांसफर
खरगोन में नई यूनिवर्सिटी शुरू होने के बाद वहां जाने वाले विद्यार्थियों के ट्रांसफर से जुड़ा मामला भी जनसुनवाई में आया. आशीष तिवारी के अनुसार, जिन विद्यार्थियों का ट्रांसफर किया जाना था, उनका स्थानांतरण संबंधित यूनिवर्सिटी में कर दिया गया है. विद्यार्थियों को वहां जाकर आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए कहा गया है.
धार कॉलेज के रिजल्ट की दोबारा जांच
धार कॉलेज के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को लेकर मिली शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई. तिवारी ने बताया कि विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं के सैंपल की दोबारा जांच कराई गई. जांच के बाद कॉलेज के प्राचार्य को स्थिति से अवगत कराया गया है. विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ परीक्षा में उत्तर लिखने के तरीके पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं.
एमबीए छात्रों को रिव्यू के लिए मौका
एमबीए सेकंड सेमेस्टर के कुछ विद्यार्थी रिव्यू के लिए आवेदन करने से छूट गए थे. ऐसे विद्यार्थियों को लेट फीस के साथ रिव्यू के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया है. परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अंतिम तिथि के बाद रिव्यू के लिए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. एमबीए का रिजल्ट आने के बाद थर्ड सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी शुरू होगी.
फाउंडेशन कोर्स में कमजोर रिजल्ट, साल नहीं होगा खराब
आशीष तिवारी ने बताया कि इस बार फर्स्ट ईयर के रिजल्ट में हिंदी और अंग्रेजी जैसे फाउंडेशन कोर्स में कई विद्यार्थियों का प्रदर्शन कमजोर रहा है. नई शिक्षा नीति के तहत इन विषयों में न्यूनतम अंक हासिल करना जरूरी है. हालांकि, कम अंक आने के कारण विद्यार्थियों का साल खराब नहीं होगा. ऐसे विद्यार्थियों को आगे की कक्षा में प्रमोट किया जा सकेगा और संबंधित विषय की परीक्षा बाद में देने का अवसर मिलेगा.
उत्तर लिखने के तरीके पर ध्यान देने के निर्देश
तिवारी के अनुसार रिजल्ट को लेकर मिले फीडबैक में यह भी सामने आया कि कई विद्यार्थियों ने उत्तरपुस्तिका में प्रश्नों के जवाब अपेक्षित और बिंदुवार तरीके से नहीं लिखे. इससे उनके परिणाम पर असर पड़ा. इसे देखते हुए सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ परीक्षा में उत्तर लिखने के तरीके पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विषय की तैयारी के साथ उत्तर को स्पष्ट, सटीक और बिंदुवार तरीके से लिखने का अभ्यास भी करना चाहिए. जनसुनवाई में नाम, रिकॉर्ड और दस्तावेजों में सुधार सहित अन्य छोटे मामले भी आए, जिनका नियमानुसार निराकरण किया गया
