महाकाल मंदिर के सामने चौड़ीकरण के विरुद्ध मिला स्टे हुआ खारिज, निगम ने लगाए लाल निशान

उज्जैन। महाकाल मंदिर के आसपास रहने वाले रहवासियों और व्यापारियों की ओर से चौड़ीकरण के संबंध में इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले में पूर्व में रोक लगी थी, अब याचिका मे मिला स्टे खारिज हो चुका है। महाकाल मंदिर में प्रतिदिन एक लाख से लेकर 5 लाख तक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जबकि पर्व और विशेष अवसरों पर यह संख्या 5 से 7 लाख तथा कई बार 10 लाख तक पहुंच जाती है। बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए महाकाल मंदिर के आसपास बड़े पैमाने पर चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण, पार्किंग, गार्डन और पैदल मार्ग विकसित किए जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य महाकाल क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से देश-दुनिया के प्रमुख स्थलों में शामिल करना है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और कानून-व्यवस्था की आवश्यकताओं को देखते हुए महाकाल थाना क्षेत्र के साथ महाकाल लोक थाना भी बनाया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों की पुलिस व्यवस्था अलग होने से विवाद और शिकायतों के निपटारे में सुविधा मिलने की उम्मीद है।सिंहस्थ-2028 के लिए महाकाल क्षेत्र में हो रहे बदलाव का सीधा फोकस श्रद्धालुओं, बाहर से आने वाले यात्रियों और साधु-संतों की सुविधाओं पर है। आने वाले समय में चौड़ीकरण और विकास कार्य पूरे होने के बाद महाकाल मंदिर के आसपास का क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के नए स्वरूप में नजर आएगा। इससे उज्जैन को देश और दुनिया के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में भी मदद मिलेगी। वहीं आने वाले श्रद्धालुओं को यहां पर चौड़ी सडक़ें और सुंदरता काफी प्रभावित करेगी जिससे व्यापार व्यवसाय में काफी मदद मिलेगी और शहर का नाम भी काफी होगा।

महाकाल घाटी से कोट मोहल्ला तक-याचिका खारिज मस्जिद भी जद में 

प्रस्तावित चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की टीम ने कई स्थानों पर लाल निशान लगाए हैं। जानकारी के अनुसार दोनों ओर करीब 15 से 20 फीट तक चौड़ीकरण प्रस्तावित है। इसकी जद में कई पुराने और नए निर्माण आ रहे हैं। क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशालाओं के साथ अन्य व्यावसायिक और धार्मिक प्रकल्प भी संचालित हो रहे हैं। महाकाल मंदिर के ठीक सामने अपना स्वीट्स सहित कई प्रतिष्ठान भी प्रस्तावित चौड़ीकरण क्षेत्र में प्रभावित हो सकते हैं। प्रस्तावित चौड़ीकरण में क्षेत्र की एक मस्जिद का प्रभावित हिस्सा भी आने की जानकारी है। चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान निर्धारित हिस्से को हटाया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र में बने अन्य निर्माण भी प्रस्तावित सडक़ सीमा के अनुसार प्रभावित होंगे। बता दें इसको लेकर शहर में काफी बवाल हुआ था जिसमें पुलिस को आंसू गैस के गोले दाने पड़े थे और कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।

अधिकारी लगातार कर रहे मॉनिटरिंग

सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए महाकाल मंदिर के आसपास यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर विशेष जोर है। चौड़ीकरण के साथ पार्किंग स्थल, गार्डन और पैदल मार्ग विकसित किए जाने की योजना है। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भीड़भाड़ से राहत मिलने के साथ महाकाल क्षेत्र का स्वरूप अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने में मदद मिलेगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंदिर के आसपास के पूरे क्षेत्र को एक व्यापक योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार काम चल रहा है। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, संभागायुक्त आशीष सिंह और आईजी राकेश गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक भी मंदिर क्षेत्र की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं से जुड़े कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

इनका कहना है

एडवोकेट नीलेश वेद ने नवभारत से चर्चा में कहा कि अभी उन्हें आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश अपलोड होने के बाद उसका अवलोकन किया जाएगा और उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

-नीलेश वेद, एडवोकेट

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