अहमदाबाद, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के निदेशक ओम प्रकाश सिन्हा ने सोमवार को अहमदाबाद स्थित ओएनजीसी इंस्टीट्यूट ऑफ रिजर्वॉयर स्टडीज में आयोजित ‘इंडिया एनर्जी वीक’ (IEW) 2027 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश में E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रण) का सफल क्रियान्वयन विदेशी कच्चे तेल के आयात को बड़े पैमाने पर कम करने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब आम उपभोक्ताओं को बिना किसी तकनीकी बाधा के E20 ईंधन मिलने लगेगा, तो इससे देश के भारी-भरकम आयात बिल में उल्लेखनीय गिरावट आएगी।
पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव के बीच ‘मल्टीपल ऑप्शंस’ और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का खास जोर
वर्तमान में भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कई विकल्पों पर काम करना अनिवार्य हो गया है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक तनावों का जिक्र करते हुए सिन्हा ने कहा कि इस स्थिति ने दुनिया को यह सबक दिया है कि किसी एक सप्लाई रूट या ईंधन मार्ग पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक रास्ते तैयार होने चाहिए। घरेलू स्तर पर तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए अब ओएनजीसी ‘फ्रंटियर और कम खोजे गए क्षेत्रों’ के साथ-साथ गहरे समुद्र के भंडारों पर भी तेजी से फोकस कर रही है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट के समय देश की ऊर्जा जरूरतें अबाध रूप से पूरी होती रहें।
कोलकाता में जनवरी 2027 में सजेगा ‘इंडिया एनर्जी वीक’ का वैश्विक मंच, 75,000 से अधिक विशेषज्ञ होंगे शामिल
आगामी ऊर्जा महाकुंभ यानी ‘इंडिया एनर्जी वीक’ (IEW) 2027 का भव्य आयोजन आगामी 28 से 31 जनवरी, 2027 तक कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में होने जा रहा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (FIPI) द्वारा आयोजित यह मंच अब दुनिया का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन बन चुका है। इस बड़े आयोजन में दुनियाभर के 75,000 से अधिक ऊर्जा विशेषज्ञ, नीति निर्माता और 700 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक हिस्सा लेंगे, जहां मुख्य रूप से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोफ्यूल्स, पेट्रोकेमिकल्स और नेट-जीरो सस्टेनेबल सॉल्यूशंस जैसी आधुनिक तकनीकों पर गहन मंथन किया जाएगा।

