सरकार ने सर्दियों से पहले दिल्ली में प्रदूषण रोकने की तैयारी तेज की

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (वार्ता) दिल्ली सरकार ने सर्दियों में वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए निवारक और प्रवर्तन उपायों को तेज कर दिया है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि शीतकालीन कार्ययोजना 2026-27 के तहत रोकथाम, सख्त प्रवर्तन, तकनीक आधारित निगरानी और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में सरकार प्रदूषण का स्तर बढ़ने का इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी कर रही है और कार्ययोजना के क्रियान्वयन की लगातार निगरानी की जायेगी।

श्री सिरसा ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए कार्रवाई आधारित रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण की समस्या पूरे एनसीआर से जुड़ी है और दिल्ली अपने क्षेत्र में प्रदूषण के स्रोतों को नियंत्रित करने के साथ-साथ पड़ोसी क्षेत्रों के साथ समन्वित कार्रवाई पर जोर देगी। उन्होंने कहा कि सरकार के आकलन के अनुसार करीब 30 प्रतिशत प्रदूषण दिल्ली क्षेत्र के भीतर उत्पन्न होता है, जबकि करीब 60-65 प्रतिशत प्रदूषण आसपास के क्षेत्रों से आता है या उनसे प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा के लिए पूरे एनसीआर को मिलकर काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि वाहन प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार ‘नो पीयूसीसी-नो फ्यूल’ व्यवस्था को मिशन मोड में लागू करेगी। दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर इसके अनुपालन को मजबूत किया जायेगा और एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों के खिलाफ एएनपीआर आधारित कार्रवाई बढ़ायी जायेगी। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के तहत दिल्ली की बस फ्लीट बढ़कर 6,840 हो गयी है, जिसमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें हैं। सरकार ने मेट्रो की औसत दैनिक सवारियों को 65 लाख से बढ़ाकर 72 लाख और डीटीसी की दैनिक सवारियों को 37 लाख से बढ़ाकर 42 लाख करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप, साझा परिवहन और कार-पूलिंग को भी प्रोत्साहित किया जायेगा।

श्री सिरसा ने कहा कि शीतकाल में यातायात और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए चरणबद्ध कार्यालय समय और 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू की जायेगी। एमसीडी के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे। सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय से तथा 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण किसी सीमा को नहीं पहचानता, इसलिए एनसीआर स्तर पर समन्वित कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार कार्रवाई करेगी, विभाग जवाबदेह होंगे और वह स्वयं जमीनी स्तर पर कार्यों की निगरानी करेंगे, लेकिन स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने में नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन अपनाने, वैध पीयूसीसी रखने, कूड़ा नहीं जलाने, निर्माण कचरे का जिम्मेदारी से निपटान करने और प्रदूषण उल्लंघनों की सूचना देने की अपील की।

 

 

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