सिगरौली/चितरंगी:खेतों में लहलहाती हरियाली, चारों तरफ बारिश की नमी और इसी हरियाली के बीच धरती की गोद से अपने आप फूटती पानी की धार… यह दृश्य किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। चितरंगी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम खैरा अंतर्गत रोनिहवा टोला में इन दिनों एक हैंडपंप प्रकृति के इसी अनोखे रूप का जीवंत उदाहरण बना हुआ है। हैंडपंप को कोई चला नहीं रहा, फिर भी उससे लगातार पानी बह रहा है। पानी की धार इतनी तेज है कि आसपास बने चबूतरे पर भरने के बाद खेत की ओर बह निकलती है।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब चार वर्ष पहले केवट परिवार के घर के समीप तत्कालीन सरपंच अनुसूईया-रावेंद्र धर द्विवेदी के कार्यकाल में तत्कालीन सांसद रीती पाठक के प्रयास से हैंडपंप का उत्खनन कराया गया था। उस समय नवंबर-दिसंबर में ही जमीन के भीतर का जलस्तर इतना ऊपर बताया गया कि खुदाई के दौरान पानी का प्रवाह पांच हार्स पावर के पंप जैसा दिखाई देता था।
हैंडपंप लगने के बाद भी मार्च-अप्रैल तक पानी स्वत: निकलता रहा। मई-जून की गर्मी में इसकी धार थम जाती है, लेकिन बारिश की पहली दस्तक के साथ मानो धरती फिर सांस लेने लगती है और हैंडपंप से पानी अपने आप निकलने लगता है। इस बार तो जलधारा पहले से भी अधिक तेज बताई जा रही है।इस प्राकृतिक जलधारा से आसपास की करीब 20 से 30 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई का पानी मिल रहा है। खेतों के बीच बहता निर्मल पानी, हरियाली और बारिश की बूंदों के बीच यह दृश्य ग्रामीणों के लिए कौतूहल के साथ प्रकृति के प्रति आश्चर्य और आकर्षण का विषय बना हुआ है।
सुमरिया देवी केवट कहती हैं कि “यहां आने वाला हर व्यक्ति हैंडपंप से अपने आप निकलता पानी देखकर हैरान रह जाता है। बारिश में पानी और ज्यादा निकलता है।”
रोनिहवा टोला का यह दृश्य जैसे यही संदेश दे रहा है—जहां धरती के भीतर पानी जीवित है, वहां प्रकृति खुद अपना रास्ता बना लेती है।
