उफान पर मंदाकिनी नदी, लेकिन खतरे के निशान से 5 मीटर नीचे

सतना : जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए हैं. मूसलाधार बारिश के चलते धार्मिक नगरी चित्रकूट से होकर बहने वाली प्रमुख मंदाकिनी नदी के जलस्तर में भी तेजी से इजाफा हुआ है जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई थी.
पहाड़ी और जल ग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव काफी तेज हो गया है. इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारी मंदाकिनी नदी और जिले के अन्य जलस्रोतों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं. अभी नदी खतरे के निशान से काफी नीचे जरूर है. लेकिन एहतियात के तौर पर निचले इलाकों और घाटों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील की है कि वे फिलहाल नदी के गहरे पानी और घाटों के एकदम किनारे जाने से बचें. मौसम विभाग द्वारा जिले में आगे भी बारिश की संभावना जताए जाने के कारण प्रशासन राजस्व और पुलिस विभाग की टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा गया है.

बकिया, बीहर और मेजा बांध से भारी मात्रा में पानी डिस्चार्ज

जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र के कई प्रमुख बांधों और बैराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक बकिया बैराज का जलस्तर 280.20 मीटर दर्ज किया गया है जहां से 1621.60 क्यूमेक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है. इस निकासी के लिए बैराज के 6 गेट 1-1 मीटर और 4 गेट 1.25 तक खोले गए हैं.वहीं बीहर बैराज का जलस्तर 279.80 मीटर पर है और इसके 2 गेट 1.25 तथा 2 गेट 1 मीटर खोलकर 220.00 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है. मेजा बांध का जलस्तर 177.20 मीटर है. जिसके 3 गेट 60-60 सेंटीमीटर खोलकर 4259.00 क्यूमेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है.

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