
भोपाल। राजधानी के भविष्य के विकास को नई दिशा देने के लिए भोपाल विकास योजना 2047 का प्रारूप तैयार किया गया है। यह योजना करीब 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें 1,016.90 वर्ग किलोमीटर का निवेश क्षेत्र शामिल है, जिसमें 254 गांव आते हैं।
योजना में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ आवास, रोजगार, परिवहन, शिक्षा, उद्योग और आधुनिक शहरी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है। भोपाल की पहचान माने जाने वाले झीलों, पहाड़ियों और हरियाली को संरक्षित रखने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
योजना की प्रमुख विशेषताओं में 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव है। इसके आसपास आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और आवास जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। करीब 3,000 हेक्टेयर भूमि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के लिए प्रस्तावित की गई है।
पर्यावरण संरक्षण के तहत हरित क्षेत्र को मौजूदा करीब 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। कुल 61,017.02 हेक्टेयर विकास योग्य क्षेत्र में 16,489.94 हेक्टेयर हरित क्षेत्र रखा गया है।
योजना में अफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग, मल्टीलेवल पार्किंग, पुराने क्षेत्रों के पुनर्विकास और डिजिटल ट्विन सिटी के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे प्रावधान भी शामिल हैं।
भौंरी में EKAI सिटी विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसे शिक्षा, शोध, नवाचार और एआई आधारित ज्ञान अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
