सीधी: खड्डी खुर्द-बगैहा सडक़ पर लीला के धरने को आप का समर्थन मिला है। सडक़ निर्माण की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों के समर्थन में उतरी आम आदमी पार्टी ने सांसद-विधायक सहित सरकार पर हमला किया।सीधी जिले के खड्डी खुर्द-बगैहा टोला में लगभग 10.50 किलोमीटर सडक़ के निर्माण एवं डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों एवं लीला साहू द्वारा चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी ने समर्थन दिया। सडक़ की मांग वर्ष 2024 से लगातार उठाई जा रही है। सितंबर 2026 में ग्रामीणों ने एक बार फिर सडक़ निर्माण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ का कुछ हिस्सा बनने के बावजूद शेष हिस्से का निर्माण और डामरीकरण अब तक नहीं हो पाया है जिसके कारण उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरना स्थल पर सिंगरौली की महापौर, आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रानी अग्रवाल, प्रदेश सचिव राम चरण सोनी तथा वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश सचिव आनंद मंगल सिंह सहित पार्टी के कई पदाधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया।
धरना स्थल तक पहुंचने के दौरान आप नेताओं को भी सडक़ की बदहाल स्थिति का सामना करना पड़ा। खराब सडक़ के कारण वाहन रास्ते में फंस गए और नेताओं को लगभग 2 किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीणों के बीच पहुंचना पड़ा। आप नेताओं ने कहा कि जब राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और उनके वाहनों को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में इतनी परेशानी हो रही है तो वर्षों से इसी मार्ग पर निर्भर ग्रामीणों, स्कूल, बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
सरकार की अहम जिम्मेदारी: रानी अग्रवाल
श्रीमती रानी अग्रवाल ने कहा कि आज आम आदमी पार्टी यहां केवल भाषण देने नहीं बल्कि जमीन पर सडक़ की वास्तविक स्थिति देखने पहुंची है। उन्होंने कहा कि जिस सडक़ पर हमारे वाहन तक फंस गए और हमें लगभग दो किमी. पैदल चलना पड़ा, वह ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब ग्रामीण वर्ष 2024 से सडक़ की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में सरकारी स्तर पर पत्राचार एवं प्रस्ताव की प्रक्रिया भी हो चुकी है तो आज भी ग्रामीणों को धरने पर क्यों बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सीधी लोकसभा के भाजपा सांसद और चुरहट विधानसभा के कांग्रेस विधायक को भी ग्रामीणों के सामने अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए
