नापाखेड़ा चौपाटी पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 10 पक्की दुकानें जमींदोज, 4 घंटे चली कार्रवाई में 1732 वर्गफीट शासकीय जमीन कराई अतिक्रमण मुक्त

पिपलियामंडी। संजीत-मंदसौर मार्ग स्थित नापाखेड़ा चौपाटी पर बुधवार सुबह प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर निर्मित 10 पक्की दुकानों को जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई लगभग 10 बजे तक चली। करीब 4 घंटे चली कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन का भारी अमला मौके पर मौजूद रहा। करीब 100 अधिकारी-कर्मचारी तथा पांच जेसीबी की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकर्ता ने स्वयं के सिर पर ईंट मारकर घायल कर लिया वहीं उसके पुत्र ने चूहा मार दवा पी ली। प्रशासन के अनुसार खसरा नंबर 107 की करीब 1732 वर्गफीट शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर पक्की दुकानें बना दी गई थीं। मल्हारगढ़ एसडीएम स्वाति तिवारी ने बताया कि उक्त अतिक्रमित भूमि का बाजार मूल्य करीब 60 लाख रुपए है।

वहीं क्षेत्र में जमीन को बेशकीमती बताया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर इसकी कीमत करोड़ों रुपए होने की चर्चा है। हालांकि प्रशासन की ओर से भूमि का बाजार मूल्य करीब 60 लाख रुपए बताया गया है। एसडीएम स्वाति तिवारी ने बताया कि खसरा नंबर 107 की भूमि शासकीय भूमि है। परमेश्वर डांगी द्वारा पूर्व में इस भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित अतिक्रमणकर्ता को पूर्व में नोटिस दिया गया था, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद नायब तहसीलदार न्यायालय संजीत से बेदखली आदेश जारी हुआ। इसी आदेश के परिपालन में बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के लिए बुधवार सुबह करीब 6 बजे राजस्व विभाग की टीम नापाखेड़ा चौपाटी पहुंची। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। कार्रवाई को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

करीब 100 अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी में पांच जेसीबी को लगाया गया और पक्के निर्माणों को हटाने का काम शुरू किया गया। जेसीबी से कार्रवाई शुरू होते ही शासकीय भूमि पर बने पक्के निर्माणों को हटाया गया। एक के बाद एक 10 दुकानों को तोड़ा गया। करीब छह घंटे तक चली कार्रवाई के बाद 1732 वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। दुकानों के टूटने के बाद मौके पर मलबा ही नजर आया। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चा बनी रही। प्रशासन के अनुसार नापाखेड़ा चौपाटी पर अतिक्रमण को लेकर पूर्व में भी करीब चार बार कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने और समझाइश देने के बाद दोबारा अतिक्रमण किए जाने की बात कही गई है। बाद में यह प्रकरण न्यायालय में चला। न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बेदखली आदेश जारी हुआ और बुधवार को प्रशासन ने उसी आदेश के आधार पर कार्रवाई की। नापाखेड़ा चौपाटी पर लंबे समय से सार्वजनिक शौचालय की मांग की जा रही थी। प्रशासन के अनुसार राजस्व विभाग की भूमि पर पूर्व में सार्वजनिक शौचालय बना हुआ था। बाद में उक्त स्थान पर अतिक्रमण कर पक्की दुकानों का निर्माण कर लिया गया। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अब सार्वजनिक शौचालय सहित आमजन की सुविधाओं के लिए भूमि उपलब्ध होने का रास्ता साफ हुआ है। दुकानों को तोड़े जाने के बाद संबंधित पक्ष की ओर से करीब 60 लाख रुपए के नुकसान की बात भी सामने आई है। हालांकि नुकसान की वास्तविक राशि का आधिकारिक आकलन अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई को न्यायालयीन बेदखली आदेश के परिपालन में की गई कार्रवाई बताया गया है।

कार्रवाई के विरोध मे पिता ने सिर में ईंट मारी, पुत्र ने चूहामार दवा का सेवन किया:-

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान परमेश्वर डांगी के परिवार की ओर से विरोध किया गया। इसी दौरान परमेश्वर डांगी के पुत्र कमलशंकर (22) ने कथित तौर पर चूहामार दवा का सेवन कर लिया, मौके पर तैनात पुलिस बल ने दवा पीते ही उसे पुलिस बल ने प्रारंभित तौर पर पानी मूह में डालकर दवा बाहर निकलवाई वहीं परमेश्वर डांगी ने अपने सिर पर ईंट मार ली, जिससे वह घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद मंदसौर जिला अस्पताल ले जाया गया। टीआई राजेन्द्र पंवार के अनुसार दोनों इलाज के बाद अब स्वस्थ है।

Next Post

जर्जर एवं भयप्रद भवन को कराया गया ध्वस्त

Wed Sep 23 , 2026
रीवा। नगर पालिक निगम रीवा द्वारा शहर में जर्जर एवं भयप्रद भवनों को चिन्हित कर जनसुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कार्रवाई लगातार की जा रही है। इसी क्रम में निगम आयुक्त श्री अक्षत जैन के निर्देश पर जोन क्रमांक-02 अंतर्गत वार्ड क्रमांक-20 में सफाई होटल के पीछे स्थित श्री राजेश […]

You May Like