इंदौर:शहर के सिरपुर-चंदन नगर, मालवा मिल और खजराना क्षेत्रों में आरडीएसएस (रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के तहत बिछाई गई भूमिगत बिजली लाइनों का असर अब सामने आने लगा है. मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार, इन क्षेत्रों में लोकल फॉल्ट और बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों में करीब 50 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है.
इंदौर शहर के अधीक्षण अभियंता मनेंद्र गर्ग ने बताया कि कंपनी प्रबंधन के निर्देश पर चुनिंदा फीडरों से जुड़े ट्रांसफार्मरों के उपभोक्ताओं तक भूमिगत बिजली लाइन पहुंचाई गई है. सिरपुर-चंदन नगर, मालवा मिल और खजराना क्षेत्र में किए गए इस कार्य से स्थानीय स्तर पर होने वाले फॉल्ट की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है. अधिकारियों के मुताबिक, पोल के स्थान पर जमीन के भीतर बिछाई गई केबल के कारण पेड़ों, होर्डिंग्स, पक्षियों और अन्य केबलों से होने वाले फॉल्ट की आशंका कम हुई है.
इसके अलावा सड़क पर वाहनों की टक्कर से बिजली के पोल अथवा तारों को नुकसान पहुंचने की समस्या भी इन क्षेत्रों में नहीं हो रही है. इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति की निरंतरता पर पड़ा है. बिजली वितरण कंपनी का कहना है कि आरडीएसएस के तहत किए जा रहे भूमिगत लाइन संबंधी कार्यों का उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है. शहर के अन्य क्षेत्रों में भी योजना के तहत किए जा रहे कार्यों से स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है.
तारों के जंजाल से मिली राहत
खजराना क्षेत्र के अशर्फी नगर निवासी मोहम्मद रफीक ने बताया कि भूमिगत लाइन बिछने से पहले क्षेत्र में बिजली के तारों का जंजाल दिखाई देता था. अब भूमिगत लाइन होने से गली की सुंदरता भी बढ़ी है और बिजली आपूर्ति में भी सुधार महसूस हो रहा है. उनके अनुसार, पहले की तुलना में फॉल्ट की समस्या भी काफी कम हुई है.
