तेहरान, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान की ओर से अमेरिका को एक बेहद कड़ी चेतावनी जारी की गई है। ईरान के केंद्रीय सैन्य कमांड ‘खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने दावा किया है कि वॉशिंगटन क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर तेहरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई करने की गुप्त रूप से तैयारी कर रहा है। ईरानी सेना ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ किसी भी प्रकार का दुस्साहस या सैन्य कदम उठाया, तो इस पूरे इलाके में मौजूद उसके सभी सैन्य ठिकानों और हितों को बिना किसी संकोच के लगातार, असरदार और दर्दनाक हमलों का निशाना बनाया जाएगा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी बंदरगाहों पर बढ़ाई नौसैनिक नाकेबंदी, 109 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदलकर डायवर्ट किया गया
यह ताजा तनाव अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव के उस दौर में सामने आया है, जहां अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरानी बंदरगाहों के आसपास अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को और अधिक कड़ा कर दिया है। सेंटकॉम द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के मुताबिक, नाकेबंदी के पूर्ण पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब तक 109 कमर्शियल जहाजों को उनके तय रास्तों से मोड़कर दूसरी दिशा में डायवर्ट किया जा चुका है। अमेरिका की इस सख्त नौसैनिक घेराबंदी के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी कॉरिडोर में शुमार होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले शिपिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भारी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए गंभीर परिणामों के संकेत, कतर की मध्यस्थता से तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि वॉशिंगटन ईरान को लेकर एक बड़े फैसले के बहुत करीब है और यदि तेहरान ने अपना रवैया नहीं बदला तो उसे बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, दूसरी ओर तनाव को थामने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी चल रहे हैं, जिसमें ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने बताया है कि तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के जरिए दुश्मनी खत्म करने, रुके हुए फंड को रिलीज करने और नौसैनिक नाकेबंदी हटाने जैसी शर्तें रखी हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट भी जारी कर दिया है।

