ढाका, 31 अगस्त (वार्ता) बंगलादेश के विदेश मंत्री खलीकुर रहमान ने रविवार को “मक्का समझौते ” के बारे में देश का आधिकारिक रुख दोहराया और कहा कि इसे मुस्लिम दुनिया का अंदरूनी मामला माना जाना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह रक्षा समझौता किसी देश के ख़िलाफ़ नहीं है।
उन्होंने कहा, “यह धमकी देने या किसी पर हमला करने का मामला नहीं है। यह हमारी मुस्लिम दुनिया के परिवार की आत्मरक्षा का मामला है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि किसी को इससे परेशान या चिंतित होने की कोई वजह है।”
श्री खलीकुर रविवार रात ढाका से न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुए, जहाँ वे संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियाँ संभालेंगे। उनका कार्यकाल संयुक्त राष्ट्र के लिए एक अहम समय पर शुरू हो रहा है, जिसमें नए महासचिव को चुनने की प्रक्रिया भी शामिल है।
विदेश मंत्री ने कहा कि बंगलादेश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए सभी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार की विदेश नीति “बंगलादेश पहले” के सिद्धांत पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि “बंगलादेश पहले” का मतलब यह नहीं है कि बंगलादेश अकेला खड़ा है, बल्कि इसका मतलब है कि देश आपसी हितों के आधार पर अपने संबंध तय करेगा।
श्री खलीकुर ने यह भी कहा कि यूएनजीए (संयुक्त राष्ट्र महासभा) की अध्यक्षता के दौरान रोहिंग्या संकट और शरणार्थियों व विस्थापित लोगों से जुड़े व्यापक मुद्दे उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, “शरणार्थी और विस्थापित लोग मेरी प्राथमिकताओं का हिस्सा हैं। मैंने चुनाव के दौरान भी यह बात कही थी। इसलिए, मैं निश्चित रूप से इस पर कड़ी नज़र रखूँगा।”
उम्मीद है कि 22 सितंबर से शुरू होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के ‘हाई-लेवल वीक’ (उच्च-स्तरीय सप्ताह) के दौरान इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खलीकुर ने बताया कि एक उच्च-स्तरीय साइड इवेंट आयोजित किया जाएगा, जिसमें वे महासभा के अध्यक्ष के तौर पर अपना बयान देंगे।
