
इस संस्करण में केंद्रीय बिजली मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, कोयला मंत्रालय और एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की भागीदारी भी अपेक्षित है। इनके साथ नीति आयोग, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, इनवेस्ट इंडिया और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान भी शामिल होंगे। दिल्ली मेजबान राज्य के रूप में भाग लेगा, जबकि गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल निवेश, विद्युत उत्पादन में वृद्धि, ग्रिड आधुनिकीकरण, बिजली वितरण कंपनियों में बदलाव और स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण पर केंद्रित विशेष नेतृत्व सत्रों के माध्यम से अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे।
इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण वैश्विक परमाणु निवेश फोरम – न्यूक्लियरएक्स 2026 होगा, जिसका उद्देश्य देश के 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा विजन के लिए वैश्विक पूंजी जुटाने की संभावनाओं को खोलना है। इसमें दुनिया के अगले प्रमुख नागरिक परमाणु ऊर्जा बाजार के निर्माण पर उद्घाटन मंच, अगली पीढ़ी की परमाणु प्रौद्योगिकियों पर तकनीक एवं नवाचार सत्र तथा पूंजी, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारियों को जुटाने पर केंद्रित एक क्लोज्ड डोर गोलमेज बैठक शामिल है ईएनसीआईएस के महानिदेशक अभिषेक भटनागर ने कहा, “राष्ट्रीय नीति, राज्य स्तर पर कार्यान्वयन, यूटिलिटी की प्राथमिकताएं, वैश्विक प्रौद्योगिकी, पूंजी और विनिर्माण अलग-अलग क्षेत्रों में रहकर प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकते।”
