आगरा, चीनी के दाम बढ़ने से आगरा के पारंपरिक पेठा उद्योग पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। चीनी के महंगे होने और जमाखोरी के चलते उत्पादन लागत में भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कभी 120 रुपये प्रति किलो बिकने वाला सादा पेठा अब बढ़कर 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
कारोबारियों और ग्राहकों की बढ़ी चिंता
पेठा कारोबारियों के अनुसार, कच्चे माल की कीमतें बढ़ने और मांग घटने से छोटे व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों की बढ़ती कीमतों के बीच पेठा आम जनता के लिए एक सुलभ विकल्प हुआ करता था, लेकिन लागत बढ़ने के कारण अब ग्राहकों की जेब पर भी भारी असर पड़ रहा है।
त्योहारों पर महंगाई की मार
ओडीओसी योजना के तहत पहचान मिलने के बावजूद कच्चे माल की महंगाई इस पारंपरिक उद्योग के विकास में बड़ी बाधा बन रही है। यदि चीनी की कीमतों में जल्द नियंत्रण नहीं आया, तो आम आदमी के लिए त्योहारों के दौरान मिठास खरीदना और अधिक मुश्किल हो जाएगा।

