सतना : जिले में इस वर्ष हुई मूसलाधार बारिश ने मुख्य जिला मार्गों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और कई जगह पुल-पुलिया बह जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है. आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार जिले में 26.90 किलोमीटर लंबी सड़कें और कई प्रमुख पुलिया गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनकी स्थायी बहाली के लिए शासन से ₹19.16 करोड़ के बजट की मांग है, जबकि तत्काल अस्थायी राहत कार्य शुरू करने के लिए भी ₹2.24 करोड़ से अधिक की आवश्यकता आंकी गई है.
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे बदतर स्थिति ग्रामीण और अन्य जिला मार्गों की है, जहां 18.30 किलोमीटर लंबी सड़कें उखड़ चुकी हैं और इनके पुनर्निर्माण व पुल मरम्मत पर अकेले ₹16.31 करोड़ का खर्च आएगा. वहीं मुख्य जिला मार्गों पर 8.60 किलोमीटर सड़क तबाह हुई है, जिसकी मरम्मत पर ₹2.95 करोड़ का अनुमान लगाया गया है. बता दे कि सबसे बड़ा नुकसान रामपुर बघेलान तहसील के सेमरिया बनकुइया टिकुरी खमहरिया मार्ग पर हुआ है, जहां किलोमीटर 4/4 पर स्थित क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थायी निर्माण के लिए अकेले ₹10.50 करोड़ के भारी बजट का प्रस्ताव भेजा गया है. इसके अलावा मझगवां क्षेत्र के पिण्ड्रा नकैला बरौधा जवारिन मार्ग की 6 किलोमीटर सड़क पूरी तरह बह जाने से ₹1.32 करोड़ और नागौद उपसंभाग के धौरहरा रोड खमहरिया मार्ग पर पुलिया क्षति से ₹68 लाख का अतिरिक्त भार विभाग पर पड़ा है.
वहीं मझगवां, बिरसिंहपुर, नागौद, सोहावल और उचेहरा जैसे इलाकों में कई संपर्क मार्ग कटने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनते नालों और टूटी सड़कों से गुजरना पड़ रहा है. कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ने नुकसान का पूरा ब्योरा शासन को प्रेषित कर दिया है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शासन से इस विशाल बजट को मंजूरी कब मिलती है, क्योंकि यदि समय रहते राशि स्वीकृत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कटने का खतरा बढ़ जाएगा.
वही सवाल यह भी है कि जो पिछले कार्य कराए गए थे वह गुणवत्ता विहीन कार्य किए गए थे उनका रखरखाव सही समय पर नहीं किया गया जिससे सड़के क्षतिग्रस्त हो गई. अब आने जाने वाले लोगों को परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है.
