इंदौर: इंदौर दूध विक्रेता संघ की बैठक रविवार को संघ अध्यक्ष भारत मथुरावाला की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में दूध की गुणवत्ता सुधारने, प्राकृतिक परिस्थितियों तथा दूध उत्पादन लागत को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के बाद संघ ने फिलहाल दूध के भाव यथावत रखने का निर्णय लिया है.संघ के अनुसार वर्तमान में दूध विक्रेता व्यापारियों द्वारा दूध उत्पादकों को 8.90 रुपये प्रति फैट की दर से भुगतान किया जा रहा है, जो सांची दूध संघ की दर से 20 पैसे प्रति फैट अधिक है. संघ का दावा है कि इस वजह से वर्तमान परिस्थितियों में दूध के भाव बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है.
बैठक में दूध उत्पादकों के शोषण का मुद्दा भी उठाया गया. संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि गांवों में बैठे ठेकेदारों द्वारा दूध उत्पादकों का शोषण किया जा रहा है. साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत दूध उत्पादकों और दूध परिवहन करने वाले वाहनों के आवश्यक पंजीयन का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई. संघ ने दूध की गुणवत्ता की नियमित जांच पर भी जोर दिया. पदाधिकारियों ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ के पूर्व निर्देशों का हवाला देते हुए शहर में प्रवेश करने वाले दूध वाहनों की जांच के लिए प्रवेश बिंदुओं पर बूथ और मोबाइल लैबोरेटरी वैन की व्यवस्था करने की मांग की.
पशुओं के स्वास्थ्य का मुद्दा उठाया
संघ ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि जिस प्रकार शासकीय उपक्रमों में दूध की खरीदी-बिक्री और गुणवत्ता का निर्धारण फैट के आधार पर किया जाता है, उसी व्यवस्था को दूध उत्पादकों के स्तर पर भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए. बैठक में पशुओं के स्वास्थ्य का मुद्दा भी उठाया गया. संघ ने दुधारू पशुओं को प्रतिबंधित या हानिकारक आहार खिलाने तथा ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता बताई.
दोबारा समीक्षा की जाएगी
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आगामी दिनों में प्राकृतिक परिस्थितियां प्रतिकूल रहती हैं या पशु आहार के दामों में अधिक वृद्धि होती है, तो दूध के भाव की दोबारा समीक्षा की जाएगी. फिलहाल संघ के निर्णय के अनुसार बंदी दूध का भाव 62 रुपये प्रति लीटर और दुकानों पर खुले दूध का भाव 65 रुपये प्रति लीटर रहेगा. यानी दूध के वर्तमान भाव में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है
