रीवा: शहर के निजी नेशनल हास्पिटल में शनिवार की रात लिफ्ट में फस कर एक मरीज की दर्दनाक मौत हो गई थी. जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था. पुलिस ने शव को पीएम के लिये संजय गांधी अस्पताल में रखवा दिया था. सुबह परिजन नर्सिंग होम के सामने धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया. मौके पर पहुंची पुलिस एवं तहसीलदार ने समझाइश दी और परिजन एवं अस्पताल प्रबंधन के बीच हुई बैठक के बाद मामला शांत हुआ. 50 लाख मुआवजे की मांग कर रहे परिजन 16 लाख में मान गये. 15 लाख क्षतिपूर्ति राशि और 1 लाख अत्येष्टि के लिये देने की सहमति बनी, तब जाकर शव का पीएम हुआ.
मैहर जिले के लालपुर निवासी सुरेश सेन पेड़ से गिरकर घायल हो गए थे. परिजनों ने उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए बीती रात रीवा के नेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. इलाज के लिए जब अस्पताल के कर्मचारी सुरेश को स्ट्रेचर पर लिटाकर ले जा रहे थे, तभी अस्पताल की लिफ्ट अचानक टूट गई. लिफ्ट का भारी हिस्सा सीधे घायल सुरेश सेन के ऊपर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. अस्पताल की इस गंभीर लापरवाही से गुस्साए परिजनों ने बीती रात अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया था. सुबह परिजन और सेन समाज के लोग अस्पताल के सामने धरना शुरू कर दिये. जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन एवं परिजनों के बीच समझौता बैठक हुई और 16 लाख देने पर बात बनी. अस्पताल प्रबंधन ने 15 लाख क्षतिपूर्ति राशि एवं 1 लाख अत्येष्टि के लिये देने पर सहमति बनी.
