इंदौर: बॉम्बे हॉस्पिटल में डॉक्टर राठी से अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर तलाशना एक महिला को महंगा पड़ गया. सर्च के दौरान मिले मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर ठग ने खुद को अस्पताल का असिस्टेंट बताया और बुकिंग के नाम पर लिंक भेजी. महिला के लिंक पर क्लिक करते ही ठग ने मोबाइल और डिजिटल संसाधनों तक पहुंच बनाकर खाते से एक लाख रुपए निकाल लिए. हालांकि, क्राइम ब्रांच की साइबर टीम की त्वरित कार्रवाई से महिला की पूरी रकम वापस मिल गई.
इंदौर निवासी महिला आरती (परिवर्तित नाम) को मेडिकल परामर्श के लिए बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉक्टर राठी से अपॉइंटमेंट लेना था. इसके लिए उन्होंने गूगल पर अस्पताल और डॉक्टर के अपॉइंटमेंट की जानकारी सर्च की. इसी दौरान उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर मिला.
महिला ने उस नंबर पर फोन किया तो सामने वाले ने खुद को अस्पताल में अपॉइंटमेंट बुक करने वाला असिस्टेंट बताया. ठग ने अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर महिला को एक लिंक भेजी. महिला ने इसे बुकिंग से संबंधित वास्तविक लिंक समझकर क्लिक कर दिया. लिंक खोलते ही ठग ने उनके मोबाइल और उसमें मौजूद डिजिटल संसाधनों तक अनधिकृत पहुंच हासिल कर ली. इसके बाद ठग ने मोबाइल में मौजूद बैंकिंग और डिजिटल भुगतान संबंधी जानकारी का दुरुपयोग कर महिला के खाते से ऑनलाइन एक लाख रुपए निकाल लिए. खाते से रकम निकलने का पता चलने पर महिला को साइबर ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत मिलते ही क्राइम ब्रांच की साइबर टीम ने संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर रकम को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू की. पुलिस की तुरंत कार्रवाई के चलते ठगी गई पूरी एक लाख रुपए की राशि महिला को वापस मिल गई. मामले में एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने नव भारत को बताया कि साइबर ठगी की शिकायत मिलने पर टीम ने तत्काल संबंधित बैंकिंग संस्थानों से समन्वय किया. तुरंत कार्रवाई के कारण पीड़ित की पूरी राशि वापस कराने में सफलता मिली. नागरिकों को गूगल सर्च से मिले किसी भी अनजान नंबर पर भरोसा करने या अज्ञात लिंक खोलने से बचना चाहिए
