जबलपुर: जिला न्यायालय परिसर में वकीलों की वेशभूषा पहनकर घूम रहे एक शातिर फर्जी वकील को असली अधिवक्ताओं ने रंगे हाथों दबोचा गया। आरोपी फर्जी पहचान पत्र को चमकाकर कोर्ट में लोगों को जमानत दिलाने के नाम पर ठगने की फिराक में था। ओमती पुलिस ने अधिवक्ताओं की लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
ओमती पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अधिवक्ता अरविंद दुबे ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे जिला न्यायालय परिसर में सचिन ताम्रकार नाम का एक व्यक्ति सफेद शर्ट और काले पैंट में वकीलों के हुलिए में घूम रहा था। वह कोर्ट परिसर में आए दो बाहरी व्यक्तियों से उन्हें कोर्ट से जमानत दिलवाने के नाम पर गंभीर चर्चा कर रहा था और सौदा तय कर रहा था। सचिन ताम्रकार के बात करने के तरीके और संदिग्ध गतिविधियों को देखकर वहां मौजूद वरिष्ठ वकीलों को उस पर गहरा शक हुआ।
जब अरविंद दुबे, अधिवक्ता अमित शर्मा, धर्मेश श्रीवास्तव और रंजीत ठाकुर समेत अन्य वकीलों ने उससे उसका बार काउंसिल का पहचान पत्र दिखाने को कहा, तो आरोपी घबरा गया। उसने हड़बड़ाहट में एक कार्ड पेश किया। वकीलों ने जब कार्ड को बारीकी से देखा, तो उस पर अधिवक्ता परितोष त्रिवेदी के हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी मिले। इस फर्जीवाड़े की सूचना तुरंत जिला बार एसोसिएशन को दी गई। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जब रिकॉर्ड से मिलान किया, तो आरोपी का वह पहचान पत्र पूरी तरह से जाली पाया गया।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच शुरू
फर्जीवाड़ा उजागर होते ही कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। अधिवक्ताओं ने आरोपी सचिन तामकार को पकड़कर तुरंत ओमती थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
