तेहरान, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हाल ही में तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, पेजेशकियान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की जबरदस्ती और धौंस जमाने की आदत से प्रशासनिक प्रक्रियाएं और अधिक जटिल हो रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय नियमों और ईरान के वैध अधिकारों का सम्मान करते हुए अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहना चाहिए।
वार्ता का अनिश्चित भविष्य
गौरतलब है कि इसी साल 18 जून को अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके तहत दोनों पक्षों को 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुँचना था। हालांकि, यह तयशुदा समय-सीमा 17 अगस्त को समाप्त हो चुकी है और दोनों देशों के बीच फिर से तनाव बढ़ने के कारण भविष्य की वार्ताओं का भविष्य फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है।
ईरान का कड़ा रुख
इस बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि तेहरान आक्रामक पक्षों की शर्तों के आधार पर युद्ध का अंत कतई स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिका के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य सामान्य रूप से खुला हुआ है, और इसे केवल एक मनोवैज्ञानिक युद्ध करार दिया। ईरान ने अमरीकी प्रतिबंधों और नौसैनिक नाकेबंदी का कड़ा मुकाबला करने की चेतावनी भी दी है।

