
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (वार्ता) सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर देश के सबसे बड़े सम्मेलन और प्रदर्शनी ‘सेमीकॉन इंडिया’ के पाँचवें संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को राजधानी के यशोभूमि अंतराष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र में करेंगे। यह कार्यक्रम तीन दिन चलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के वैश्विक संगठन एसईएमआई ने मंगलवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेमीकॉन इंडिया-2026 के कार्यक्रमों की घोषणा की।
इस कार्यक्रम में वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख हितधारक, सरकार और उद्योग जगत की हस्तियां, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, शिक्षाविद, सरकारी अधिकारी और संबंधित क्षेत्र के विषयों का अध्ययन कर रहे युवा विद्यार्थी भी शामिल होंगे। मेइटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार ने अपनी प्रगतिशील नीतियों और विस्तारित सहयोग के माध्यम से सेमीकंडक्टर क्षेत्र के महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है। इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि सेमीकॉन 1.0 के तहत स्वीकृत 12 सेमीकंडक्टर विनिर्माण परियोजनाओं में से तीन ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है।
साथ ही, सेमीकॉन 2.0 की घोषणा भारत की मजबूत और लचीली सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। एसईएमआई के अध्यक्ष एवं सीईओ अजित मनोचा ने कहा कि एसईएमआई ने पाँच दशकों से अधिक समय से दुनिया भर में सेमीकंडक्टर हब के विकास को सक्षम बनाया है। उनके अनुसार, भारत में गति, महत्वाकांक्षा, प्रतिभा और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का अनूठा संयोजन है। उन्होंने कहा कि भारत का अवसर केवल वैश्विक सप्लाई चेन में शामिल होने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा बनने का है।
इस अवसर पर मेइटी के अतिरिक्त सचिव एवं आईएसएम सीईओ अमितेश कुमार सिन्हा ने कहा कि “सेमीकॉन इंडिया 2026″ दुनिया भर के देशों और कंपनियों, भारत में विनिर्माण स्थापित करने के लिए स्वीकृत भारतीय कंपनियों तथा भारत में अवसर तलाश रही कंपनियों को एक साथ लाने का अवसर प्रदान करेगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के नेता एवं नीति-निर्माता तथा सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण के लिए सप्लाई-चेन पार्टनर भी शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि वैश्विक सेमीकंडक्टर की आवश्यकता लगभग एक लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर दो लाख करोड़ डॉलर होने की उम्मीद है, जबकि भारत में सेमीकंडक्टर की आवश्यकता लगभग 100 अरब डॉलर से बढ़कर 200 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। सम्मेलन में ” वीमेन एनडाउमेंट एंड लीडरशिप ” पर एक समर्पित सत्र भी आयोजित किया जाएगा।
श्री अशोक चंडक, एसईएमई इंडिया एवं आईईएसए ने कहा कि ” सिलिकॉन टू सिस्टम – बिल्डिंग द इकोसिस्टम” थीम भारत के एक व्यापक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के निर्माण की दिशा में विकास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारतीय और वैश्विक कंपनियों की उल्लेखनीय भागीदारी भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में उद्योग जगत के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
इस वर्ष “सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम वैल्यू चेन एक्सपीरियंस की शुरुआत भी की जा रही है, जो भारत की संपूर्ण सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखलामें बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करेगी।
इस सम्मेलन में इस वर्ष एएसएमएल, एप्लायड मैटीरियल्स, टेराडाइन, इन्फिनियो, एब्रा, जाबिल, आईबीएस रिसर्च, एनएक्सपी, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माक्रॉन, मर्क केगा, रैपिडस, लाम रिसर्च, सीजी पावर, उनो मिंडा, अडवांटेस्ट, आईनॉक्स एयर प्रॉडक्ट्स, एसईएमआई, हॉरिबा स्टेक, स्क्रीन , एवरस्पिन टेक्नोलॉजीज, ब्रीवर साइंस, पोलर समीकंडक्टर , टोक्यो इलेक्ट्रॉन, एमरजेंस एआई और कई अन्य कंपनियाँ भाग ले रही हैं।
सम्मेलन में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी जिनमें विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी, एआई एवं डिजिटल परिर्वन, आपूर्ति श्रृंखला , रसायन, गैसें एवं पदार्थ नीति एवं सरकारी , उत्पाद सृजन एवं डिजाइन , स्टार्टअप्स एवं नवाचार , प्रतिभा एवं कौशल , भारत एक ब्रांड एवं बाजार विकास , नेतृत्व एवं रणनीतिक फोरम और ऐसे कई अन्य महत्वपूर्ण विषय तय किये गये हैं। सेमीकॉन इंडिया 2026 की प्रदर्शनी में वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न प्रतिभागी और कार्यक्रम शामिल होंगे। इसमें 40 से भी अधिक देशों के सेमीकंडक्टर एवं इलेट्रॉनिक्स क्षेत्र के 500 से अधिक प्रस्तुतकर्ता, 240 से अधिक कंपनियां और 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय वक्ता भाग लेंगे। प्रदर्शनी 15000 वर्गमीटर से भी अधिक क्षेत्र में लगेगी।
