
इंदौर. बुधवार सुबह शहर के पश्चिम क्षेत्र में स्थित जैन कॉलोनी के सार्वजनिक बगीचे में बिना अनुमति जैन संत का अंतिम संस्कार कर दिया गया. इसकी जानकारी मिलते ही बगीचे में रहवासियों की भीड़ इकठ्ठा हो गई. लोगों ने उक्त घटना का विरोध करना शुरू कर दिया. मामले की जानकारी मिलते पुलिस मौके पर पहुंची. खास बात यह है कि घटना की पूरी जानकारी पुलिस ने नगर निगम को भेज दी.
नगर निगम झोन 15 के वार्ड 72 में स्थित जैन कॉलोनी के विद्यासागर सार्वजनिक बगीचे में दिगम्बर जैन समाज के लोगों ने बिना अनुमति के जैन संत सुलभाघी सागर की अंत्येष्टि कर दी. दिगंबर जैन समाज के लोगों ने अन्नपूर्णा पुलिस से रात को बगीचे में अंत्येष्टि करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी. बावजूद इसके सुबह जल्दी 6 बजे दिगम्बर जैन समाज ने बिना अनुमति के जैन संत का दह संस्कार कर दिया. इसकी जानकारी रहवासियों को लगी तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया. नगर निगम को सूचना दी और आक्रोश व्यक्त किया. घटना की जानकारी मिलते ही सुबह मौके पर पुलिस पहुंची और घटनाक्रम की रिपोर्ट बनाकर नगर निगम को भेज दी.
पंचनामा बनाया : पार्षद
उक्त मामले में क्षेत्रीय पार्षद योगेश गेंदर ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बना लिया है, आगे की कार्रवाई निगम करेगा. उल्लेखनीय है कि 80 वर्षीय जैन संत वर्षा योग (चातुर्मास) के लिए क्षेत्र में ठहरे हुए थे. इसी दौरान उनका निधन हो गया.
सहायक उद्यान अधिकारी ने लिखा पत्र
नगर निगम सहायक उद्यान अधिकारी राहुल वर्मा ने निगम मुख्यालय को पत्र लिखकर बताया कि अंतिम संस्कार किए जाने की सूचना निगम को नहीं दी गई थी. निगम को इसकी जानकारी बुधवार सुबह 7 बजे मिली. इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुबह 6 बजे उद्यान परिसर में अंतिम संस्कार किया गया.
पार्क में अंतिम संस्कार करना गलत – निगमायुक्त
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि सार्वजनिक बगीचे में अंतिम संस्कार करना गलत है. मामले में जानकारी मिली है कि बिना अनुमति के अंत्येष्टि की गई. इसकी रिपोर्ट बुलवाई है. जांच के आदेश दिए है. उसके बाद संबंधित पर कार्रवाई होगी.
