जबलपुर: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई), जिला जबलपुर द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा छात्रसंघ चुनाव संबंधी जनहित याचिका पर दिए गए ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की महत्वपूर्ण जीत बताया गया। जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने कहा कि लगभग नौ वर्षों से मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव न होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण था।
विद्यार्थियों को उनके वैधानिक प्रतिनिधित्व से वंचित रखा गया, जिसके विरुद्ध एनएसयूआई के छात्रनेता अदनान अंसारी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य शासन को सितंबर 2026 में छात्रसंघ गठन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनसर््थापना की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
संगठन ने दी चेतावनी
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष दिए गए आश्वासन के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई नहीं करती अथवा प्रत्यक्ष चुनावों से पीछे हटने का प्रयास करती है, तो एनएसयूआई विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगी।एनएसयूआई ने राज्य सरकार से मांग की कि माननीय उच्च न्यायालय की भावना, लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों एवं आदेश का सम्मान करते हुए बिना किसी विलंब के छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना, विस्तृत दिशा-निर्देश एवं चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाए। साथ ही संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्रसंघ चुनाव केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से संपन्न कराए जाएं।
