जबलपुर: साइबर ठग हर दिन नए-नए पैंतरे आजमा कर खातों से रकम उड़ा रहे है। अब ठगों ने पुराना फर्नीचर सस्ते में बेचने, पॉलिसी में रूका हुआ पैसा निकलवाने का झांसा और मुनाफे का लालच देकर और लिंक भेजकर खातों से लाखों रूपए की रकम उड़ा दी । माढ़ोताल, गोहलपुर, लार्डगंज थाने में चार एफआईआर दर्ज कर की गई है।
गोहलपुर पुलिस ने बताया कि मोह. रिजवान 30 वर्ष निवासी गोहलपुर के मोबाईल पर दोस्त परवेज मंसूरी के मोबाईल नम्बर से वाटसअप पर माय वेंडिंग ऐप के नाम से एक लिंक भेजी गयी थी तो उसने वाटसअप को खोलकर जैसे ही लिंक को टच किया तो उसका मोबाईल हैक हो गया और उसकेे खाते से कुल 75 हजार रुपये निकल गये। इसी प्रकार माढ़ोताल पुलिस के मुताबिक अजय चड़ार 36 वर्ष निवासी माढ़ोताल के पास एक मोबाइल नम्बर से अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया जिसने अपना नाम संतोष मिश्रा बताते हुये कहा कि तुम्हारी जो पॉलिसी भारतीय लाईफ इंशोरेंस कम्पनी एवं इंडिया फस्ट कम्पनी, एसीसी कम्पनी का पैसा जो रूका हुआ है मैं निकलवा दूंगा कहते हुये उसे एक कम्पलेंट नम्बर बताया ।
इसके बाद में झांसा में आ गया और उसे 46 हजार 239 रूपये की चपत लगा दी गई। इसी प्रकार अदीबा जवीन 18 सवर्षाल निवासी पुराना पुल मंसूराबाद को इंस्टाग्राम में मैसेज आया जिसमंकरके ऑनलाईन ट्रेडिंग के बारे मे समझाया गया। निवेश के नाम पर मोटे निवेश का लालच दिया गया और कुल 97793 रूपये ऑनलाईन ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठग लिये गए।
रिटायर्ड एसई से सीआरपीएफ जवान बनकर 30 हजार की ठगी
लार्डगंज थाना क्षेत्र के यादव कॉलोनी में रहने वाले एमपीईबी के रिटायर्ड एसई सुधीर खरे (64) साइबर ठगी का शिकार हो गए। एक अज्ञात ठग ने खुद को सीआरपीएफ का जवान बताकर उन्हें फोन किया और कहा कि उसका ट्रांसफर जम्मू-कश्मीर हो गया है, इसलिए वह अपना तीन महीने पुराना फर्नीचर सस्ते में बेचना चाहता है। व्हाट्सएप पर तस्वीरें देखने के बाद सुधीर खरे ने 70 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया। उन्होंने एडवांस के रूप में अपने परिचित के माध्यम से ठग के खाते में 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठग ने इंश्योरेंस के नाम पर 31 हजार 500 रुपये और मांगे, जिससे खरे को शक हो गया। पैसे न देने पर आरोपी ने संपर्क काट दिया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
