नई दिल्ली | कांग्रेस ने पंजाब में अपनी खोई हुई सत्ता वापस पाने के लिए कमर कस ली है। पार्टी आगामी 19 से 21 मई तक पूरे राज्य में एक सघन जनसंपर्क अभियान चलाएगी, जिसका उद्देश्य सभी 117 विधानसभा सीटों पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और मतदाताओं की नब्ज टटोलना है। एआईसीसी की पंजाब प्रभारी सचिव हिना कावरे के अनुसार, इस अभियान में राज्य के सभी वरिष्ठ नेता और सांसद हिस्सा लेंगे। पार्टी का मुख्य ध्यान कानून-व्यवस्था, ड्रग्स, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर रहेगा, जिसके जरिए वे आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं।
उत्तराखंड में कांग्रेस ने आंतरिक कलह को पीछे छोड़ते हुए भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर मोर्चा संभाल लिया है। हाल ही में राहुल गांधी के साथ हुई रणनीतिक बैठक के बाद प्रदेश इकाई में नई ऊर्जा देखी जा रही है। एआईसीसी प्रभारी कुमारी शैलजा ने सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है ताकि स्थानीय स्तर पर फीडबैक लिया जा सके और 2027 के लिए मजबूत उम्मीदवारों की पहचान की जा सके। सचिव सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में जनता के मुद्दों को और अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा ताकि सत्ता विरोधी लहर का लाभ उठाया जा सके।
गोवा में भी कांग्रेस 2027 में सत्ता में वापसी के लिए उत्साहित है। आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी की विश्वसनीयता बढ़ी है। एआईसीसी प्रभारी अंजलि निंबालकर ने बताया कि पार्टी नए जिला अध्यक्षों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत कर रही है। कांग्रेस की रणनीति वोटरों तक पहुंच बनाकर भाजपा के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी का फायदा उठाने की है। 2017 में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद सरकार न बना पाने की कसक को पार्टी इस बार ठोस रणनीति और जनसमर्थन के जरिए दूर करने की कोशिश में है।

