
भोपाल। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी में हो रही लगातार देरी पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, किसान-विरोधी और असंवेदनशील” बताया है। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही प्राकृतिक अनिश्चितताओं, बढ़ती लागत, कर्ज के बोझ और बाजार की अस्थिरता से जूझ रहा है। ऐसे समय में खरीदी टालना किसानों के साथ अन्याय है।
सिंह ने चिंता जताई कि किसान अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें निजी व्यापारियों को कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है और विशेष रूप से बैंक ऋण पर निर्भर किसान डिफॉल्ट की स्थिति में पहुंच रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बारदाने की कमी का हवाला देकर खरीदी में देरी कर रही है, जबकि बाजार और व्यापारियों के पास पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब व्यापारी बड़े स्तर पर खरीदी कर सकते हैं, तो सरकार एमएसपी पर खरीदी क्यों नहीं कर पा रही है।
अजय सिंह ने यह भी कहा कि राजस्थान जैसे राज्यों में गेहूं खरीदी शुरू हो चुकी है, जबकि मध्य प्रदेश के किसान अब भी इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने तत्काल खरीदी शुरू करने, खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने, बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था करने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो यह धारणा मजबूत होगी कि सरकार किसानों के बजाय व्यापारिक हितों को प्राथमिकता दे रही है।
