कार्यकर्ताओं ने राहत महसूस की

सियासत

भाजपा ने संभागीय संगठन मंत्रियों के पद समाप्त कर दिए हैं। सभी छह संभागीय संगठन मंत्रियों को प्रदेश कार्यकारिणी में लेकर एक तरह से घर बैठा दिया है। मालवा निमाड़ में इंदौर और उज्जैन संभाग आते हैं। इंदौर संभाग में जयपाल सिंह चावड़ा और उज्जैन संभाग में जितेंद्र लिटोरिया संभागीय संगठन मंत्री थे। भाजपा में संभागीय संगठन मंत्री का पद बेहद शक्तिशाली होता हैं। पटवा सरकार में संभागीय संगठन मंत्री रहे कृष्ण मुरारी मोघे को संभाग का मुख्यमंत्री कहा जाता था।

अरविंद मेनन भी ताकतवर संभागीय संगठन मंत्री रहे हैं। श्री मोघे और श्री मेनन की विशेषता यह थी कि वे कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद करते थे और प्रवास करने में हिचकते नहीं थे। इन दोनों की संगठन क्षमता और प्रबंधन कौशल का कोई सानी नहीं था। जयपाल सिंह चावड़ा और जितेंद्र लिटोरिया के साथ यह बात नहीं है। जयपाल सिंह चावड़ा करीब साढ़े चार वर्ष इंदौर संभाग के संभागीय संगठन मंत्री रहे, लेकिन उन्होंने कभी मंडल स्तर तक बैठकें नहीं ली। अधिकांश समय वे भाजपा के इंदौर कार्यालय में ही रहते थे। अपने वातानुकूलित कक्ष के बाहर कार्यकर्ताओं को इंतजार करवाना उनसे सीधे बात नहीं करना और बड़े नेताओं के अलावा किसी से संवाद नहीं करना, यह सब भाजपा के कार्यकर्ता ने लंबे समय तक सहा है। जितेंद्र लिटोरिया को उज्जैन संभाग का संभागीय संगठन मंत्री बने कम समय हुआ था। डेढ़ वर्ष पूर्व विवादास्पद हुए प्रदीप जोशी की जगह उन्हें उज्जैन लाया गया था।

उनकी कार्यशैली जयपाल सिंह चावड़ा से बेहतर थी लेकिन फिर भी उनका ध्यान शासन प्रशासन में हस्तक्षेप को लेकर अधिक रहता था। संभागीय संगठन मंत्री के पद समाप्त होने से आम भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहत महसूस की है। भाजपा ने अपने महासचिवों को संभागों के प्रभार आवंटित किए हैं। इंदौर संभाग का प्रभार भगवानदास सबनानी को दिया गया है। नई व्यवस्था से देखना है कार्यकर्ताओं को कितनी राहत मिलती है। बहरहाल, संभागीय संगठन मंत्रियों का पद समाप्त होने से किसी कार्यकर्ता को शायद ही दुख हुआ होगा।

धूम रही छोटे विजयवर्गीय की

विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 के विधायक आकाश विजयवर्गीय का रविवार को जन्मदिन था। उनका जन्मदिन पूरे जिले में मनाया गया क्योंकि देव से महादेव का उनका संगठन पूरे जिले में फैला हुआ है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 2,3,5, राऊ और महू में युवाओं ने अधिक उत्साह दिखाया। कैलाश विजयवर्गीय 2008 से 2018 तक लगातार 10 साल महू के विधायक रहे हैं। इस दौरान वे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रीय महासचिव के दायित्व पर रहे हैं।इस कारण से उस दौरान महू विधानसभा क्षेत्र आकाश विजयवर्गीय ही संभालते थे। यही कारण है कि महू में उनके जन्मदिन की धूम रही। आकाश विजयवर्गीय को सक्रिय विधायक का तमगा मीडिया और जनता द्वारा दिया जाने लगा है। इसका कारण यह है कि वे लगातार जनता के बीच रहते हैं और यहां की समस्याएं हल करते हैं।

कोरोना महामारी के दौरान जिस तरह से उन्होंने अपने क्षेत्र में राशन किट, दवाइयां और लोगों को अन्य राहत दी वह दूसरों के लिए भी मिसाल बनी। अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए भी वे लगातार संघर्ष करते रहते हैं। इस संबंध में कई बार उनकी अधिकारियों से भी झड़प हो जाती है। हाल ही में उन्होंने अधिकारियों के समक्ष इंदौर की झांकियों का मुद्दा उठाया और कहा कि झांकियां भले ही समारोह पूर्वक ना निकले लेकिन उन्हें एक स्थान पर बनाने में कोई दिक्कत नहीं होना चाहिए। इससे परंपरा भी खंडित नहीं होगी और लोगों को रोजगार भी मिलेगा। हालांकि शासन के निर्देश होने के कारण अधिकारियों ने हाथ ऊंचे कर दिए, लेकिन इससे यह पता चलता है कि आकाश विजयवर्गीय जनता और गरीबों के लिए कितने चिंतित रहते हैं।

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