छोटे करदताओं की ओर से विदेशी सम्पत्ति घोषणा योजना के तहत अब तक 1,100 आवेदन मिले: सूत्र

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (वार्ता) छोटी करदेयता श्रेणी की विदेशी संपत्तियों की जानकारी देने की योजना, 2026 के तहत ऐसी सम्पत्तियों की घोषणा के अवसर का लाभ उठाने के लिए अब तक लगभग 1,100 करदाता आवेदन दाखिल कर चुके हैं।

सरकार ने इस योजना के तहत करदाताओं को अब तक घोषित नहीं की गई विदेशी संपत्तियों और आय का खुलासा करने के लिए एक बार का अवसर प्रदान किया है। यह योजना 31 दिसंबर 2026 तक खुली रहेगी। आयकर विभाग को विदेशों से सूचनाओं के आदान-प्रदान संबंधी समझौते के तहत ऐसी तमाम सम्पत्तियों की जानकारी नियमित रूप से मिलती है।

विभाग ने कुछ करदाताओं को उनकी विदेशी सम्पत्ति की सूचना को लेकर आगाह किया है।

करदाताओं की सुविधा के लिए आयकर विभाग ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक ऐसी सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से करदाता उन विदेशी संपत्तियों से संबंधित जानकारी देख सकते हैं, जिन्हें विदेशी क्षेत्राधिकारों द्वारा उनके पैन के आधार पर रिपोर्ट किया गया है। यह जानकारी स्वचालित सूचना आदान-प्रदान (एईओआई) के अंतर्गत प्राप्त हुई है, जिसे आमतौर पर सीआरए / एफएटीसीए (केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी/ विदेशी खाता कर अनुपालन अधिनियम) व्यवस्था के नाम से जाना जाता है।

करदाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन करके वर्ष 2022 से 2024 तक की यह जानकारी डाउनलोड कर सकते हैं।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर केवल सीआरए / एफएटीसीए व्यवस्था में शामिल देशों से कर संबंधी जानकारियों के स्वत: आदान-प्रदान की प्रणाली (एईओआई) के अंतर्गत प्राप्त जानकारी ही प्रदर्शित की गई है। विभाग को अन्य बहुपक्षीय व्यवस्थाओं के अंतर्गत भी जानकारी प्राप्त होती है, लेकिन विभिन्न जोखिम कारकों अथवा गोपनीयता संबंधी प्रतिबद्धताओं के कारण इसे पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त, विभाग अन्य स्रोतों से भी जानकारी और खुफिया सूचनाएं एकत्र करता है।

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग ने 23 अक्टूबर को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया कि जहां भी संभव हो, ऐसी अन्य जानकारियां भी संबंधित करदाताओं के साथ साझा की जा सकती हैं, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें।

सूत्रों ने यह भी बताया कि आयकर विभाग ने हाल ही में कुछ चुनिंदा करदाताओं को सचेत किया है, जिन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक सदस्य देश में आवासीय अथवा व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश किया है।

विभाग ने करदाताओं, नियोक्ता के रूप में कॉरपोरेट संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, पेशेवर संगठनों और उद्योग संघों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए संपर्क एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना बनाई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने करदाताओं के प्रश्नों और चिंताओं के समाधान में सहायता के लिए प्रत्येक क्षेत्र में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की है।

इस योजना के अंतर्गत पात्र अघोषित संपत्तियों और आय का खुलासा नियमित करने के लिए एक सीमित अवधि का अवसर दिया गया है। इसके तहत संपत्ति के उचित बाजार मूल्य पर 30 प्रतिशत कर तथा उतनी ही राशि का जुर्माना, कर के अतिरिक्त, भुगतान करना होगा।

इस योजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह पूरी तरह ऑनलाइन, विश्वास-आधारित और स्व-घोषणा पर आधारित है। वैध घोषणा करने पर करदाता को काला धन (अघोषित विदेशी आय एवं संपत्ति) तथा कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के तहत आगे की आकलन कार्यवाही, जुर्माने और अभियोजन से छूट प्राप्त है।

यह योजना करदाताओं को पहले से लेखाबद्ध संपत्तियों और आय की जानकारी घोषित करने का अवसर भी देती है। इसके लिए एक लाख रुपये का शुल्क देकर काला धन अधिनियम के तहत निर्धारित 10 लाख रुपये वार्षिक के जुर्माने से बचा जा सकता है।

 

 

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