अधिकारियों ने रविवार को बताया कि ज़ब्त किए गए सामान की कुल कीमत 37.83 लाख रुपये आंकी गई है। उन्होंने बताया कि इस संदिग्ध मामले के सिलसिले में पुष्पम कृष्ण बंदाने (29) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक यह मामला शनिवार को तब सामने आया जब मकान मालिक रमेश गंगाधर हार्डे वाठोडा में थ्री स्टार कोऑपरेटिव सोसाइटी के एक फ्लैट में कथित तौर पर दो महीने से बकाया किराया लेने गया।
हार्डे के बार-बार खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने एक अतिरिक्त चाबी से दरवाज़ा खोला और कथित तौर पर उन्हें सोफे पर 500 रुपये के नोट जैसे कागज़ बिखरे हुए मिले। इसके बाद उसने पुलिस को सूचित किया।
पुलिस को पंच गवाहों की मौजूदगी में की गई तलाशी के दौरान 500 रुपये के नोट जैसे डिज़ाइन, प्रतीक और लेटर वाले कागज़ मिले। कुछ कागज़ एक तरफ़ मुद्रित थे, जबकि कुछ कागज दोनों तरफ़ छपे हुए थे। प्लास्टिक में लिपटे बंडलों में भी ऐसे ही कागज़ मिले।
पुलिस ने एक एएसयूएस लैपटॉप, एक कलर प्रिंटर, दो ए4 पेपर कटर, खाली कागज़, अलग-अलग रंगों की इंक की बोतलें, केबल वायर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ज़ब्त किए। ज़ब्त किए गए सामान की कीमत 37,83,600 रुपये है। पुलिस ने कहा कि लैपटॉप की कीमत 30,000 रुपये, कलर प्रिंटर की कीमत 40,000 रुपये और दो पेपर कटर की कीमत 10,000 रुपये है।
हालांकि, अभी यह पता नहीं चल पाया है कि ज़ब्त किए गए कागज़ नकली मुद्रा हैं या सिर्फ़ असली बैंक नोट जैसे दिखने के लिए छापे गए थे।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि छपाई का मकसद क्या था, क्या कागज़ों को असली मुद्रा के तौर पर फैलाने की कोई कोशिश की गई थी और क्या इसमें और लोग भी शामिल थे।
फोरेंसिक जांच और संभावित वित्तीय लेन-देन की जांच से सच सामने आने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यह मामला वाथोडा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच चल रही है।
