सीधी: विंध्य की धरती ने एक बार फिर कला के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। सीधी जिले में जन्मे रंगकर्मी और नाट्य लेखक प्रसन्न सोनी को भारत सरकार की संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ युवा पुरस्कार प्रदान किया गया है। सोमवार, 19 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें नाट्य लेखन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने युवा कलाकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने की, जबकि संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री विवेक अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न कला विधाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवा कलाकारों को सम्मानित किया गया। प्रसन्न की इस उपलब्धि से सीधी सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में खुशी का माहौल है । प्रसन्न सोनी का रंगमंच से जुड़ाव बचपन से रहा है।
वर्ष 1999 में पहला नाटक करने के बाद वे एकता नाट्य समिति से जुड़े और 2004 में वरिष्ठ रंगकर्मी स्वर्गीय अलखनंदन के नाट्य समूह ‘नट बुंदेले’ में शामिल हुए। उन्होंने श्रीराम सेंटर रंगमंडल, नई दिल्ली और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल में भी बतौर कलाकार काम किया। रंगमंच के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की जूनियर फेलोशिप भी प्राप्त हुई है। इसी तारतम्य में सीधी का परचम देश ही नही बल्कि विदेशो में भी लहराते रहे, प्रसन्न की पहचान केवल एक अभिनेता और निर्देशक के रूप में ही नहीं, बल्कि नाटककार के रूप में भी है। उन्होंने सात मौलिक हिंदी नाटकों की रचना की है।
उनके लिखे नाटकों में ‘भंवरा बड़ा नादान’ और ‘प्रेम पॉलिटिक्स’ ‘हिरण खिलौना’ प्रकाशित हो चुके हैं। उनके अन्य लेखन और नाट्य रूपांतरणों में सामाजिक जीवन, मानवीय संबंधों और समकालीन परिस्थितियों से जुड़े विषय देखने को मिलते हैं। उन्होंने ‘गुनाहों का देवता’, ‘दर्द चूर्ण’ और ‘करबला’ जैसी रचनाओं का नाट्य रूपांतरण भी किया है। उनके निर्देशित नाटकों में ‘आनंद रघुनंदन’, ‘तोता बोला’, ‘थैंक यू बाबा लोचनदास’, ‘भंवरा बड़ा नादान’, ‘प्रेम पॉलिटिक्स’, ‘अकाल में उत्सव’, ‘गुड़ गोबर गंज डेजा’, ‘लैला मजनूं’, ‘एक लड़की पांच दीवाने’ और ‘चिड़िया शेर बन गई’ ‘ कैकेयी ‘ सहित कई प्रस्तुतियां शामिल हैं। उनके नाटकों और रंगमंचीय कार्यों में विविध विषयों के साथ प्रयोग करने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। प्रसन्न ने रंगमंच के अलावा वेब सीरीज में भी काम किया है।
प्रसन्न सोनी को इससे पहले भी सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें रंग अविराम संस्था, भोपाल की ओर से दुष्यंत कुमार सम्मान तथा दैनिक जागरण, सीधी की ओर से विंध्य शिखर सम्मान प्रदान किया गया है। वर्तमान में वे रंगदूत नाट्य समूह के संचालन से जुड़े हुए हैं और रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ युवा पुरस्कार भारतीय संगीत, नृत्य और रंगमंच सहित प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवा कलाकारों को दिया जाने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। प्रसन्न सोनी को नाट्य लेखन के लिए यह पुरस्कार मिलना उनके लंबे रंगमंचीय अनुभव और लेखकीय योगदान की महत्वपूर्ण पहचान है। सीधी जैसे शहर से अपनी रंगमंचीय यात्रा शुरू कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल करना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। प्रसन्न सोनी की यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों में रहकर कला और साहित्य के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। उनकी सफलता ने सीधी और विंध्य की सांस्कृतिक प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दी है।
