झाबुआ में कुएं से मिले तीन बच्चों के शव, चोट के निशान होने का दावा, नरबलि की आशंका पर जांच की मांग

झाबुआ. झाबुआ जिले के चुई गांव में तीन बच्चों के शव कुएं से मिलने के मामले में परिजनों ने उनके शरीर पर चोट के निशान होने का दावा किया है। परिजनों के मुताबिक बच्चों के नाक-कान और जीभ कटे हुए थे। होंठों पर भी कटने के निशान थे। इन दावों के बाद ग्रामीणों ने नरबलि की आशंका जताते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। हालांकि, अभी तक इन आशंकाओं की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि मामले से जुड़े संदेह दूर करने के लिए जरूरी नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। कुएं में किसी जानवर की मौजूदगी की आशंका की जांच के लिए पानी निकालकर उसकी सफाई कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

परिजन संतोष के मुताबिक, विजय, मयंक और विवेक दशहरे की दोपहर करीब 3 बजे घर से निकले थे। शाम 4 बजे तक उनके वापस नहीं लौटने पर परिवार और ग्रामीणों ने तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान आसपास के खेतों में बच्चों की साइकिल मिली। पास ही तीन कुएं थे। ग्रामीणों ने कुओं में तलाश शुरू की। एक गहरे कुएं में पहले एक बच्चे का शव मिला। इसके बाद उसी कुएं से बाकी दोनों बच्चों के शव भी बरामद हुए। ग्रामीणों ने तीनों शव बाहर निकाले।

परिजन संतोष ने दावा किया कि बच्चों के कान और जीभ कटे हुए थे, जबकि होंठों पर भी चोट के निशान दिखाई दिए। शवों की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विधायक डॉ. भूरिया ने बताया की डॉक्टरों की शुरुआती जांच में बाहरी हस्तक्षेप की आशंका कम लग रही है। हालांकि संदेह दूर करने के लिए संबंधित अंगों, हड्डियों और अन्य जरूरी नमूनों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने पुलिस को नमूने जल्द प्रयोगशालाओं में भेजने के निर्देश दिए हैं। भूरिया ने कहा कि कुएं के पानी का इस्तेमाल होता है और बच्चे वहां तैरने भी जाते हैं। ऐसे में कुएं की पूरी जांच जरूरी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश डामोर ने बताया कि ग्रामीणों की आशंकाओं को लेकर पुलिस अधीक्षक से चर्चा की गई है। उन्होंने कुएं का पानी निकालकर सफाई के साथ जांच कराने की मांग की, ताकि किसी जानवर की मौजूदगी की आशंका स्पष्ट हो सके। उन्होंने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की। घटनास्थल के आसपास तीन कुएं हैं, जिन पर सुरक्षा के लिए मुंडेर नहीं बनी थी। पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। कुएं किसके हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी भी पुष्टि की जानी है।

तीनों बच्चों की मौत से परिवारों में मातम पसरा है। विजय और मयंक अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे, जबकि विवेक का एक भाई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

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