नई दिल्ली, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और प्रमुख रणनीतिकार आशुतोष रांका की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस इलाके में बिना अनुमति के अनधिकृत प्रदर्शन करने, सुरक्षा बलों के काम में बाधा डालने और शांति बॉन्ड का उल्लंघन करने के आरोप में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों को आधिकारिक समन भेजा है। बुधवार को ही विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत से तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हुए इन दोनों नेताओं को आज दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में अनिवार्य रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया है।
मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने ट्रांसफर किया था संसद मार्ग थाने का मामला, सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद बुधवार रात को हुई थी रिहाई
अक्टूबर के मध्य में जंतर-मंतर पर बिना पूर्व अनुमति के विशाल प्रदर्शन आयोजित करने, पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने के मामले में दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया था, जिसे मंगलवार को विधिवत रूप से क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था। लगभग सात दिनों तक तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में बिताने के बाद बुधवार को अदालत ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर दोनों की रिहाई मंजूर की थी, जिसके बाद वे बुधवार रात जेल से बाहर आए थे। अब क्राइम ब्रांच इस पूरे अनधिकृत प्रदर्शन के पीछे किसी गहरी साजिश या सुनियोजित रणनीति के पहलुओं की गहराई से तफ्तीश कर रही है।
सौरव दास और आशुतोष रांका की पृष्ठभूमि पर भी केंद्रित है जांच, पूछताछ के दौरान कई अन्य बड़े खुलासे होने की जताई जा रही है संभावना
27 वर्षीय सौरव दास जो कि पूर्व में एक खोजी पत्रकार और शोधकर्ता रह चुके हैं, तथा 31 वर्षीय आशुतोष रांका, जो CJP के मुख्य रणनीतिकारों में गिने जाते हैं, अपने अनोखे और आक्रामक राजनीतिक अभियानों के कारण लगातार सुर्खियों में हैं। अभिजीत दीपके द्वारा स्थापित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर अक्सर सड़कों पर उतरती है। क्राइम ब्रांच द्वारा आज की जाने वाली इस उच्च-स्तरीय पूछताछ के बाद इस मामले में कई और नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

