इसके अलावा प्रशासन ने आठ लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों (एलएएचडीसी) के लिए 100 निर्वाचित निर्वाचन क्षेत्रों को अधिसूचित किया है। वहीं, जिलों के पुनर्गठन के बाद तत्कालीन एलएएचडीसी कारगिल को भंग कर दिया गया है।
आयोग द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार चुनावों की अधिसूचना 26 अक्टूबर को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि दो नवंबर है, जबकि तीन नवंबर को नामांकन पत्रों जांच होगी और पांच नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 21 नवंबर को होगा।
आयोग ने घोषणा की है कि पंचायत चुनावों में भाग लेने वाले उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है।
एक अन्य प्रमुख घटनाक्रम में, क्षेत्रीय प्रशासन ने संशोधित एलएएचडीसी अधिनियम, 1997 के तहत आठ एलएएचडीसी के लिए 100 निर्वाचित निर्वाचन क्षेत्रों को अधिसूचित किया है, जिससे पार्षदों की मौजूदा 52 की संख्या लगभग दोगुनी हो गयी है।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस विस्तार को लद्दाख में जमीनी स्तर के लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है।
नयी व्यवस्था के तहत लेह में 22 सीटें, कारगिल में 21 सीटें, संको में 13 सीटें, चांगथांग में 10 सीटें, नुब्रा, शाम और ज़ांस्कर में प्रत्येक में 9-9 सीटें और द्रास में 7 सीटें तय की गयी हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों का वितरण एक तर्कसंगत और निष्पक्ष व्यवस्था पर आधारित है, जिसमें मतदाता आबादी और भौगोलिक क्षेत्र दोनों को उचित महत्व देते हुए पंचायत हलकों और नगर निकायों को बुनियादी इकाइयों के रूप में लिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सीटों की संख्या में वृद्धि से स्थानीय प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत होगा और पूरे क्षेत्र में समावेशी शासन को बढ़ावा मिलेगा।
एक अलग आदेश में, प्रशासन ने जिलों के पुनर्गठन के बाद तत्कालीन एलएएचडीसी कारगिल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह निर्णय क्षेत्र में हिल काउंसिल संस्थाओं के कामकाज में एक और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव को दर्शाता है।
