वाणिज्य मंत्रालय की बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार श्री गोयल के साथ देश के व्यवसायियों का एक बड़ा शिष्टमंडल भी इन देशों की यात्रा पर होगा। पहले चरण में श्री गोयल 22 से 24 अक्टूबर तक जर्मनी में होंगे। नीदरलैंड की यात्रा 24 से शुरू होगी।
श्री गोयल जर्मनी में बर्लिन में एक वैश्विक परिचर्चा में अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माताओं और वैश्विक व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे । वह वहां जर्मनी के आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा मंत्री तथा चांसलर कार्यालय में आर्थिक एवं वित्तीय नीति सलाहकार और वहां के जी7/जी20 शेरपा के साथ बैठकें भी करेंगे।
इन बैठकों में द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश के मार्गों को मजबूत करने, उन्नत इंजीनियरिंग, हरित परिवहन एवं स्वच्छ प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को गति देने तथा भारत-यूरोपीय संघ के बीच जारी मुक्त व्यापार समझौते की वार्ताओं से उत्पन्न बाजार तक पहुँच और निवेश के अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
इसके बाद नीदरलैंड की यात्रा के दौरान श्री पीयूष गोयल हेग में व्यापक सरकारी स्तर की सहभागिता का नेतृत्व करेंगे। वे आर्थिक मामलों एवं जलवायु मंत्री तथा विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री के साथ बैठकें करेंगे। इस यात्रा के दौरान उत्तरी हॉलैंड के किंग्स कमिश्नर तथा वहां की संसद की विदेश व्यापार और यूरोपीय मामलों संबंधी समितियों के सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण चर्चाएँ भी की जाएँगी।
श्री पीयूष गोयल के साथ जर्मनी और नीदरलैंड की यात्रा पर लगभग 100 व्यवसायों एवं स्टार्टअप्स के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल बर्लिन में एक अलग कार्यक्रम में भाग लेगा। इसमें जर्मन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों) और भारतीय व्यापार प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित गोलमेज बैठकें आयोजित की जाएँगी। इनमें वाहन , उन्नत विनिर्माण, अवसंरचना और ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेवा क्षेत्र, कृषि एवं खाद्य उत्पाद, उपभोक्ता वस्तुएँ और वस्त्र, स्वास्थ्य सेवा, औषधि उद्योग और स्वास्थ्य एवं कल्याण क्षेत्र पर अलग अलग बैठकें होंगी।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल जर्मनी की व्यापार एवं निवेश एजेंसी “(जीटीएआई) के साथ आयोजित भारत-जर्मनी निवेश गोलमेज बैठक में भी भाग लेगा। प्रतिनिधिमंडल जर्मनी के नवाचार एवं अनुसंधान संस्थानों और थिंक टैंकों के साथ औद्योगिक परिवर्तन, डीप-टेक, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, कौशल विकास तथा भारत-जर्मनी व्यापार, निवेश और सुदृढ़ आपूर्ति शृंखलाओं से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श करेगा।
भारतीय व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल 25 अक्टूबर रॉटरडैम बंदरगाह का दौरा भी करेगा। इस दौरे का उद्देश्य बंदरगाह की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और आपूर्ति शृंखला से संबंधित अवसंरचना का अवलोकन करना है। श्री गोयल 26 अक्टूबर को हेग में आयोजित भारत-नीदरलैंड व्यापार मंच में दोनों देशों के व्यवसाय जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर नीदरलैंड के विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री भी उपस्थित रहेंगे।
व्यापार मंच के बाद छह समानांतर क्षेत्रीय गोलमेज बैठकें और कंपनियों के बीच नेटवर्किंग बैठकें होंगी। इनका उद्देश्य दोनों देशों के व्यवसायों के बीच सहयोग, व्यापार और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना होगा।
