भोपाल। ट्रेन में सफर के दौरान फोन पर तेज आवाज में बात करना या स्पीकर पर वीडियो देखना अब दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी ही नहीं, कार्रवाई की वजह भी बन सकता है।
भारतीय रेलवे के साउथ वेस्टर्न रेलवे जोन ने अपने सभी डिवीजनों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसका मकसद ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को शोर से होने वाली परेशानी से बचाना और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है।
लेकिन सवाल है कि इस निर्देश का पालन कैसे कराया जाएगा? नियम तोड़ने वाले यात्रियों पर किस तरह की कार्रवाई होगी? और क्या इसका असर भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में भी देखने को मिलेगा?
इन्हीं सवालों को लेकर हमने वरिष्ठ डीसीएम भोपाल, सौरभ कटारिया से बात की।
अब देखना होगा कि रेलवे के इस निर्देश से ट्रेन में सफर के दौरान शोर-शराबे पर कितनी लगाम लगती है।
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