मुंबई, भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के सिलसिले में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार को विशेष रूप से मुंबई पहुंचे। मुंबई आगमन पर ऐतिहासिक गेटवे ऑफ इंडिया पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने प्रसिद्ध होटल ताजमहल पैलेस पहुंचकर ‘ताज मेमोरियल’ पर माल्यार्पण किया और मुंबई आतंकवादी हमलों के निर्दोष पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल रहे।
व्यापार समझौते को लेकर दिए बेहद सकारात्मक संकेत, रूसी तेल की खरीद और भारत की रिफाइनिंग क्षमता की जमकर की सराहना
मुंबई में प्रेस को संबोधित करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बहुप्रतीक्षित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी और छोटी औपचारिकताओं को सुलझाने के बाद बहुत जल्द इसकी घोषणा कर दी जाएगी। इसके साथ ही, भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने के रुख का खुलकर समर्थन करते हुए रुबियो ने भारत को एक ‘रिफाइनिंग सुपरपावर’ करार दिया और वेनेजुएला के ऊर्जा बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज की भूमिका को लेकर भी सकारात्मक संभावनाओं के संकेत दिए।
भारत को बताया अमेरिका का सबसे मजबूत रणनीतिक साझेदार, वैश्विक मंचों पर दोनों देशों की बढ़ती नजदीकियों पर जताई खुशी
मार्को रुबियो ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अमेरिका का एक अपरिहार्य रक्षा व व्यावसायिक भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि ‘क्वाड’ के प्रमुख सदस्य के रूप में भारत के साथ हमारे संबंध लगातार गहरे हो रहे हैं और अमेरिकी अधिकारियों का भारत दौरा दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत करता है। विदेश मंत्रियों के बीच हुई इस अहम बैठक से न केवल द्विपक्षीय व्यापारिक बाधाएं दूर होंगी, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी एक मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी का मार्ग प्रशस्त होगा।

