अब यात्री बस्तर अंचल के कांकेर जिले में स्थित रावघाट से राज्य की राजधानी रायपुर तक महज 55 रुपये के किराया में सफर तय कर पाएंगे। किफायती किराये में रेल यात्रा की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों, युवाओं, दैनिक यात्रियों और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा।
श्री वैष्णव ने आज ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन किया गया। साथ ही रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मरम्पत केंद्र का शिलान्यास भी किया गया। श्री वैष्णव इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
इस अवसर पर श्री साय ने इन रेल परियोजनाओं और ट्रेन सेवाओं के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्री वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को निरंतर गति मिल रही है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ को रेल बजट के अंतर्गत 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है, जो राज्य में रेल अवसंरचना के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा तथा औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक-आर्थिक विकास को नयी गति प्राप्त होगी।
रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद के बीच ट्रेन सेवाओँ के शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों के यात्रियों को रायपुर तक सीधी रेल यात्रा की सुविधा मिलेगी। इन नयी रेल सेवाओं की शुरुआत से युवाओं, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों एवं अन्य दैनिक यात्रियों में खुशी का माहौल है। राजधानी तक सुविधाजनक रेल संपर्क उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को शिक्षा, युवाओं को रोजगार तथा आम नागरिकों को चिकित्सा, व्यापार एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन में सुविधा मिलेगी।
इन सेवाओं से किसानों, व्यापारियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य यात्रियों को भी लाभ होगा। राजधानी तक आवागमन सुगम होने से शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार एवं पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही, किसानों को अपनी कृषि उपज बड़े बाजारों तक पहुँचाने के लिए परिवहन का बेहतर विकल्प मिलेगा। इन सेवाओं से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने तथा क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने में मदद मिलेगी।
वहीं श्री वैष्णव ने कहा कि दल्लीराझरा-रावघाट नयी रेल लाइन, केंद्री-अभनपुर-राजिम-धमतरी आमान परिवर्तन तथा विभिन्न मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए हैं। खरसिया-परमालकसा डबल लाइन परियोजना पर भी कार्य जारी है। हाल ही में पेंड्रारोड-बिलासपुर-उसलापुर तीसरी रेल लाइन को भी मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ में रेल सम्पर्क मजबूत होगा, यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा तथा औद्योगिक और आर्थिक विकास को नयी गति मिलेगी।
इस मौके पर रायपुर स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद लक्ष्मी वर्मा, श्री बृजमोहन अग्रवाल और श्रीमती रूपकुमारी चौधरी तथा विधायक राजेश मूणत, श्री पुरन्दर मिश्रा और श्री मोती लाल साहू उपस्थित रहे। वहीं, रावघाट स्टेशन पर सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रेलवे के अनुसार दल्लीराझरा और रावघाट के मध्य 1,628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबी नयी रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया गया है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ ही इस परियोजना का कार्य पूर्ण हुआ है। रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होने से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को रेल परिवहन की सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं व्यापार से जुड़े अवसरों तक उनकी पहुँच आसान होगी।
रेलवे ने कहा कि इस रेल लाइन से क्षेत्र की औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, विशेष रूप से रावघाट क्षेत्र के लौह अयस्क के परिवहन को गति मिलेगी। इससे भिलाई इस्पात संयंत्र सहित देश के लौह एवं इस्पात उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से कच्चे माल के परिवहन को अधिक सुगम बनाने तथा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएँ बढ़ेंगी।
रेलवे के अनुसार केन्द्री-धमतरी एवं अभनपुर-राजिम गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत अभनपुर से राजिम के मध्य कार्य पूर्ण होने के बाद यात्री सेवाएँ प्रारंभ की जा चुकी हैं। वहीं, अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत अभनपुर-कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन कार्य पूर्ण किया गया है। इस परियोजना के शेष कुरूद-धमतरी सेक्शन में कार्य प्रगति पर है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज लाइन के उद्घाटन से क्षेत्र में रेल संपर्क का विस्तार हुआ है। इससे यात्रियों को राजधानी रायपुर तक आवागमन के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्रीय विकास, व्यापार एवं दैनिक आवागमन को प्रोत्साहन मिलेगा।
