
उमरिया। नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया।
रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
