नागपुर में विजयादशमी उत्सव के दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत में न कभी रिजीम चेंज हुआ है और न कभी होगा। भागवत के मुताबिक, सत्ता बदलने से देश की सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता।
अपने संबोधन में उन्होंने फ्रांस, अल्बानिया, बांग्लादेश और नेपाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कुछ ताकतें अपने स्वार्थ के लिए दूसरे देशों की सत्ता व्यवस्था को प्रभावित करना चाहती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भारत को भी कमजोर और विभाजित करने की कोशिशें हो सकती हैं। भागवत ने देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय हितों को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया।
