चंडीगढ़, अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, ठहाकों और बेहतरीन शायरी के लिए दुनिया भर में मशहूर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीवी पर्सनालिटी नवजोत सिंह सिद्धू आज अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं। वैसे तो उन्हें ‘शेरी’ और ‘सिक्सर सिद्धू’ के नाम से जाना जाता है, लेकिन उनके करियर से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प नाम भी है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। अपने करियर के शुरुआती दिनों में धीमी चाल और औसत फील्डिंग के कारण आलोचनाओं का सामना करने वाले सिद्धू ने बाद में अपनी फिटनेस पर जमकर पसीना बहाया। उनकी चीते जैसी फुर्ती और मैदान पर शानदार कैच लपकने की कला को देख साथी खिलाड़ियों ने उन्हें दक्षिण अफ्रीका के महान फील्डर जॉन्टी रोड्स के नाम पर ‘जॉन्टी सिंह’ की उपाधि दी थी।
टेस्ट और वनडे मैचों में शानदार कैच लपककर आलोचकों के बंद किए मुंह, आंकड़ों में भी नजर आया बेहतरीन फील्डिंग का कमाल
शुरुआत में माना जाता था कि सिद्धू केवल अपनी बल्लेबाजी के दम पर टीम में जगह बनाए हुए हैं, क्योंकि मैदान पर उनकी सुस्ती पर अक्सर सवाल उठते थे। लेकिन अपने करियर के ढलान पर उन्होंने अपनी कमियों को ताकत में बदलने की जिद ठान ली। उनके इस कड़े अभ्यास का असर उनके आंकड़ों में भी साफ दिखाई देता है। अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट के 51 मैचों में 9 कैच, 136 वनडे मैचों में 20 कैच व 2 रन-आउट, और 157 फर्स्ट क्लास मैचों में 50 शानदार कैच लपके, जो उनकी कड़ी मेहनत और मैदान पर तेजी का जीता-जागता सबूत है।
मोटिवेशनल शायरी और अनोखे अंदाज से आज भी फैंस के दिलों पर करते हैं राज, जीवन संघर्ष पर कही गई बातें करती हैं प्रेरित
क्रिकेट के मैदान को अलविदा कहने के बाद भी नवजोत सिंह सिद्धू अपनी अनूठी शैली और जिंदगी को लेकर कही गई दमदार शायरी के जरिए लगातार चर्चा में बने रहते हैं। उनकी यह जीवन यात्रा इस बात की मिसाल है कि अगर इंसान ठान ले, तो वह अपनी किसी भी कमी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना सकता है। “कांटों में रहकर भी गुलाबों की तरह महकना सीखo…” जैसी उनकी प्रेरक पंक्तियाँ आज भी युवाओं को विपरीत परिस्थितियों से लड़ना सिखाती हैं। जन्मदिन के इस खास मौके पर फैंस उन्हें सोशल मीडिया पर बधाइयां दे रहे हैं और उनके इस प्रेरणादायक सफर को याद कर रहे हैं।

