
अनपरा । अनपरा तापीय परियोजना की आवासीय कॉलोनी में बाहरी लोगों के कथित अनधिकृत निवास का मामला गरमाने लगा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद परियोजना प्रबंधन ने रिक्त आवासों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को स्थलीय निरीक्षण, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के माध्यम से सत्यापन कर 15 कार्यदिवस में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। अब सवाल उठ रहा है कि जांच केवल रिक्त आवासों तक सीमित रहेगी या कथित अनधिकृत कब्जों और आवंटन व्यवस्था की भी पड़ताल होगी।
जानकारी के अनुसार विनोद कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष और परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ बाहरी लोग बिना वैध आवंटन के वर्षों से परियोजना के आवासों में रह रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य अभियंता ने 13 अक्टूबर को कार्यालय ज्ञापन जारी कर समिति गठित की। अधीक्षण अभियंता इंजीनियर महेन्द्र सिंह को अध्यक्ष तथा अधिशासी अभियंता इंजीनियर राजेश कुमार सचान को संयोजक बनाया गया है। इंजीनियर बजेंद्र सिंह, मिथिलेश कुमार, अशोक कुमार, सुजीत कुमार और सुनील कुमार सदस्य नामित किए गए हैं। समिति भूतपूर्व सैनिकों के समन्वय से निरीक्षण करेगी। पारदर्शिता के लिए समय अंकित करते हुए फोटो और वीडियो तैयार किए जाएंगे।
आत्महत्या की घटना के बाद आवास आवंटन व्यवस्था पर सवाल
कॉलोनी के एक आवास में आत्महत्या की घटना के बाद आवासों के उपयोग और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ठेकेदार पीयूष सिंह के कॉलोनी स्थित आवास में रहने की चर्चा के बीच यह सवाल उठाया जा रहा है कि बाहरी व्यक्तियों को रहने की अनुमति किसने दी। हालांकि संबंधित आवास के आवंटन, निवास की अनुमति और घटना से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। अब जांच समिति की रिपोर्ट पर निगाहें टिकी हैं। आवंटन अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान होने से ही वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई जरूरी होगी। परियोजना प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।
