सीहोर। जिले में तीन दिन से मौसम के बदलते मिजाज के बीच सोमवार को मावठे की झमाझम बारिश हुई. शनिवार को ग्रामीण अंचलों में जोरदार बारिश, रविवार को सीहोर शहर में बूंदाबांदी और सोमवार को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश ने मौसम की तस्वीर बदल दी. रबी सीजन की तैयारियों के बीच हुई बारिश से खेतों में नमी बढऩे की उम्मीद है. इससे किसानों को सिंचाई के लिए डीजल और बिजली पर होने वाले खर्च से भी राहत मिल सकती है.
सोमवार दोपहर तक मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे थे. इसके बाद आसमान में घने बादल छा गए. बादलों की गडग़ड़ाहट के बीच तेज बारिश शुरू हुई, जिसने शहर के साथ ग्रामीण अंचलों को भी भिगो दिया. बारिश की रफ्तार इतनी तेज थी कि पलेबा किए गए खेतों में से पानी बह निकला था. पिछले दिनों गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मौसम में आए बदलाव से राहत मिली. वहीं मावठे की बारिश के बाद खेतों में नमी पहुंचने से किसानों को आगामी कृषि कार्यों में मदद मिलने की उम्मीद है. शाम तक थमने के बाद बादलों ने फिर बरसना शुरू कर दिया था. स्टेट हाईवे स्थित ग्राम अमलाहा सहित अन्य ग्रामों में मावठे की बारिश ने भिगोना शुरू कर दिया था. रबी सीजन की तैयारियों के बीच हुई बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, क्योंकि हाल ही में बिजली की अघोषित कटौती के चलते उन्हें सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर कर दिया था, वहीं सब स्टेशन के घेराव भी किसानों द्वारा किए जा रहे थे. मावठे की बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी रहने से बोवनी और फसलों की शुरुआती बढ़वार में मदद मिल सकती है. जिन किसानों को खेत तैयार करने और सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है, उन्हें भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है.
अगले पांच दिन भी बदला रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में अगले पांच दिनों तक बादल छाने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है. इससे मौसम में ठंडक और खेतों में नमी का असर आगे भी देखने को मिल सकता है. लगातार तीसरे दिन मौसम में आए बदलाव के बाद किसानों की निगाहें अब आगामी दिनों की बारिश पर टिकी हैं. यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो रबी फसलों की तैयारी में मदद मिल सकती है.
बौछारयुक्त बारिश की संभावना
आगामी दिनों में हल्के से मध्यम बने बादलयुक्त मौसम रहने के कारण आगामी 24 घंटे में गरज एवं चमक के साथ बौछारयुक्त बारिश होने का अनुमान है. 23 अक्टूबर तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा.
डॉ. एसएस तोमर,
मौसम वैज्ञानिक, आरएके
