
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश नेतृत्व के साथ एक अहम बैठक की. इस उच्च स्तरीय बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना और नवनिर्वाचित कार्यकारी अध्यक्ष व सांसद इमरान मसूद समेत सचिवों ने हिस्सा लिया.
सूत्रों की मानें तो आगामी चुनावों के मद्देनजर रणनीति तैयार करने और उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत आधार देने के उद्देश्य से इस बैठक में बहुस्तरीय विमर्श किया गया है. इस महत्वपूर्ण बैठक में सपा के साथ होने वाले गठबंधन को लेकर विशेष चर्चा हुई. कहा जा रहा है कि कांग्रेस इस बार गठबंधन में अपनी स्थिति को काफी मजबूत रखना चाहती है .इसी वजह से उसकी ओर से पहले ही राज्य की आधी सीटों यानी लगभग 150 से 200 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की गई थी. सूत्रों ने बताया कि प्रियंका गांधी ने वरिष्ठ नेताओं से जीताऊ सीट व उम्मीदवारों की सूची पर विस्तृत तथ्यों के साथ व्याहारिक मंथन किया. कहा जा रहा है कि प्रियंका ने अपने पूर्व के अनुभवों को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि सिर्फ संख्या पर फोकस करने के बजाय बेहतर तालमेल की रणनीति अपनाकर सम्मानजनक समझौते पर पहुंचने का प्रयास किया जाना चाहिए. इतना ही नहीं दबाव बनाने के चक्कर में आक्रामक बयानबाजी से बचने और गठबंधन के संदर्भ में संदेश खराब नहीं निकले इसके लिए भी हिदायत दी गई. इस बैठक में सपा की ओर से पेशकश की सीटों की सूची पर भी चर्चा की गई. सूत्रों की मानें तो प्रियंका ने स्पष्ट किया है कि सपा के साथ व्यवहारिक बातचीत को जल्द से जल्द परिणाम तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए ताकि समय रहते उम्मीदवारों को जमीनी तैयारी करने का ज्यादा समय मिल सके. इस बैठक में सीटों के बंटवारे के अलावा उत्तर प्रदेश के भीतर कांग्रेस के नए जातीय और सामाजिक समीकरणों को साधने व उसे बूथ स्तर तक कैसे क्रियान्वित किया जाए , इसपर भी विस्तृत चर्चा हुई.
