
नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केन्द्र व उत्तराखंड सरकार पर निशाना साधते हुए सरकार की नियत और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया है.
उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह सहित राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया. शैलजा ने कहा कि अंकिता मामले में न्याय की खुली अवहेलना की जा रही है. इस मामले में जिस तथाकथित वीआईपी का नाम आ रहा है उसे सजा दिलाने के बजाय सरकार उसे बचाने में जुटी है.
उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की अस्मिता का हवाला देते हुए कहा कि वहां की बेटियां और आम नागरिक आज इस रवैये से खुद को बेहद अपमानित महसूस कर रहे हैं, और राज्य के लोग अपनी बेटी के साथ हुआ यह अन्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे.कुमारी शैलजा ने कांग्रेस के आगामी बड़े आंदोलन के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आगामी बाईस से पच्चीस अक्टूबर तक कांग्रेस पूरे उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर अंकिता भंडारी न्याय यात्रा निकालेगी, जिसके माध्यम से हर विधानसभा क्षेत्र में जनसंवाद कर जनता को इस अन्याय के खिलाफ जागरूक किया जाएगा. इसके तुरंत बाद सत्ताइस अक्टूबर को अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, बढ़ते भ्रष्टाचार, पलायन और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा भवन का महाघेराव करेंगे.
शैलजा ने तीखा हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आरोपियों को कानूनी सुरक्षा देने और बचाने के लिए राजभवन का सहारा लिया गया है. उल्लेखनीय है कि अंकिता का परिवार दुष्यंत कुमार गौतम पर आरोप लगा रहा है जिन्हें पिछले दिनों सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है.
