सतना :यह बात तो किसी से भी छिपी नहीं है कि ङ्क्षवध्य क्षेत्र के कुछ कथित ऑनलाइन कियोस्क संचालक ऑनलाइन सट्टेबाजी, साइबर धोखाधड़ी, और मनी लांड्रिंग करने वाले अंतराराष्ट्रीय गिरोहों के टूल किट बने हुए हैं. लोगों को झांसे में लेकर फर्जी तरीके से खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल अवैध धन को घुमाने के लिए हो रहा है. इसकी तस्दीक जहां पूर्व में टेरर फंडिंग के मामले में एसटीएफ भोपाल की कार्रवाई से हो चुकी है. वहीं अब उप्र के प्रतापगढ़ की साइबर क्राइम पुलिस द्वारा विंध्य के 4 आरोपियों को पकड़े जाने से मामला और तूल पकड़ता नजर आने लगा है.
उप्र के प्रतापगढ़ जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में छापेमारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी, साइबर धोखाधड़ी, और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया. पुलिस द्वारा इस मामले में कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया. जिसमें से महज 1 आरोपी गुजरात का निकला, जबकि शेष 4 आरोपी विंध्य क्षेत्र के पाए गए. गिरफ्तार आरोपियों में संकेत सालवानी उर्फ सिनचैन निवासी सिंधी कालोनी सतना, शुभम वाधवानी उर्फ मुन्ना निवासी ताहटी हुजूर रीवा, अमरजीत साकेत उर्फ सलमान निवासी बांस मनगवां रीवा और प्रीतम समतानी उर्फ हैरी निवासी माधवगर कटनी सम्मिलित हैं.
इतना ही नहीं बल्कि आरोपियों के पास से पुलिस द्वारा 32 स्मार्टफोन, 46 भारतीय सिम, 2 युनाटेड ङ्क्षकगडम के सिम, 2 लैपटाप कंप्यूटर, 7 एटीएम कार्ड और 8 बंैक पासबुक बरामद किया गया. पुलिस के अनुसार पकड़े गए गिरोह के सदस्य अक्सर गरीबों के फर्जी केवाईसी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाता खुलवाते थे. आनलाइन सट्टेबाजी, साइबर धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के साथ-साथ विदेशी काले धन को इन खातों में घुमाया जाता था. वहीं इस नेटवर्क को यूनाइटेड किंगडम की सिम से ऑपरेट किया जा रहा था.
गावों तक फैला है जाल
ऑनलाइन ठगी से लेकर सभी तरह के अवैध कार्यों को अंजाम देने के बाद प्राप्त होने वाली मोटी रकम को कई टुकड़ों में बांटकर इसी तरह खोले गए अनेक बैंक खातों में भेज दिया जाता है. जिसके बाद यह रकम उक्त खातों से गिरोह तक पहंचा दी जाती है. ठग गिरोह ऐसा इसलिए करते हैं ताकि पुलिस उन तक पहुंच न सके. लिहाजा गिरोह द्वारा औने-पौने कमीशन का लालच देकर इसी तरह के बैंक खाते उधार लिए जाते हैं. नतीजतन विंध्य क्षेत्र के कुछ लोग शहर से लेकर गांवों तक अपना जाल बिछाकर इसी तरह फर्जी तमरीके से बैंक खाते खुलवाकर गिरोह को रास्ता मुहैया करा रहे हैं. भोपाल एसटीएफ द्वारा टेरर फंडिंग के मामले में सतना जिले से कुछ कियोस्क संचालकों को पकड़ा गया था. लेकिन उसके बाद से इन मामलों में किसी तरह की कारवाई सामने नहीं आ सकी.
