ग्वालियर: प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत से पूरा ग्वालियर शहर शोक और आक्रोश में डूबा हुआ है। एक ओर मृतकों के परिजनों की चीख-पुकार और घायलों के उपचार को लेकर चिंता है, तो दूसरी ओर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने एक दुखी ग्वालियरवासी ने ऐसी गुहार की, जो शहर में चर्चा का विषय बनी है।
घायलों का हालचाल जानने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने भीड़ के बीच एक व्यक्ति हाथ जोड़कर निवेदन करता दिखाई दिया। वह सिंधिया से कहता है, ‘महाराज, कृपा करके हमारे शहर के एसपी और कलेक्टर को हटवाइए। हमारा जीवन बर्बाद हो गया। पूरे देश में हमने ऐसा एसपी कहीं नहीं देखा।’शहर की इस पीड़ा और गुस्से को बयां करती गुहार सुनकर सिंधिया भी कुछ पल के लिए अवाक नजर आते हैं। वीडियो में वह सिर हिलाते हुए आगे बढ़ते दिखाई देते हैं। हादसे के बाद प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर लोगों के भीतर पनप रहे आक्रोश की यह घटना एक तस्वीर पेश करती है।
प्रतिबंधित रास्ते पर ट्रकों के पहुंचने से उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवालयही उठ रहा है कि जिस रास्ते पर साइकिल तक ले जाने पर प्रतिबंध होने की बात कही जा रही है, वहां धान से लदे दो ट्रक आखिर कैसे पहुंच गए? क्या रास्ते पर यातायात प्रतिबंधों की निगरानी नहीं की जा रही थी? भारी वाहनों को रोकने के लिए तैनात व्यवस्था कहां थी? यदि मार्ग प्रतिबंधित था, तो ट्रकों को वहां प्रवेश करने से रोकने में चूक कैसे हुई?
इन सवालों के जवाब अब पुलिस और प्रशासन से मांगे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि यातायात व्यवस्था और प्रतिबंधों का प्रभावी ढंग से पालन कराया गया होता, तो शायद इस भयावह हादसे को टाला जा सकता था।
आठ पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद भी शांत नहीं हुआ आक्रोश
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्रवाई करते हुए सीएसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। हालांकि, शहर के एक बड़े हिस्से में यह मांग उठ रही है कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के पुलिस अधिकारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। लोग जिला प्रशासन के सर्वोच्च अधिकारियों, विशेषकर कलेक्टर और एसपी की जवाबदेही भी तय करने की मांग कर रहे हैं।
