नयी दिल्ली, (वार्ता) दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ टीम ने पांच राज्यों में साइबर ठगी के शिकार लोगों की पहचान कर करीब 1.53 करोड़ रुपये की संभावित अतिरिक्त ठगी रोक दी। इनमें अधिकांश वरिष्ठ नागरिक थे।
पुलिस के अनुसार, ठगों ने खुद को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) और पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी दी तथा पैसे ट्रांसफर कराए। संदिग्ध लेनदेन की जांच के दौरान टीम ने ऐसे पीड़ितों से संपर्क कर उन्हें बचाया, जिनमें एक वरिष्ठ नागरिक सितंबर से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगों के नियंत्रण में था।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तार नहीं करती और न ही धन सत्यापन के नाम पर पैसे मांगती है।
Mon Oct 19 , 2026
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