उल्लेखनीय है कि श्री पवार ने शनिवार को एक बयान में दावा किया था कि दिवंगत अजित पवार के पास रहा वित्त विभाग श्रीमती पवार को नहीं दिया जाएगा, क्योंकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास ही रखना चाहते हैं।
सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में मतभेदों की अटकलों को खारिज करते हुए श्रीमती पवार ने कहा कि गठबंधन में शामिल दलों की विचारधाराएं अलग-अलग होने के बावजूद महायुति एकजुट है।
उन्होंने कहा, “महायुति में कोई मतभेद नहीं है। अलग-अलग दलों की विचारधाराएं भिन्न हो सकती हैं, लेकिन जब हम महायुति के रूप में साथ खड़े होते हैं, तो एकजुट रहते हैं। सभी को सामूहिक ताकत के साथ मिलकर काम करना चाहिए और आपसी समन्वय बनाए रखना चाहिए। किसी भी तरह की गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर किया जाना चाहिए।”
नांदेड़ में विधान परिषद की स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट के चुनाव में महायुति के उम्मीदवार सतीश चव्हाण के प्रचार के लिए आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गठबंधन नांदेड़ सहित मराठवाड़ा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “मराठवाड़ा की बेटी होने के नाते मैं आपको भरोसा दिलाती हूं कि हम इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें आपके निरंतर समर्थन की जरूरत है और हमें मतदाताओं तक पहुंचना होगा। नांदेड़ जिले की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।” उन्होंने गठबंधन के कार्यकर्ताओं से मिलकर काम करने की अपील की।
श्रीमती पवार ने कहा कि नेताओं ने युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और चव्हाण के लिए प्रचार करने के उद्देश्य से एकजुट होकर काम किया है। उन्होंने चव्हाण को अनुभवी और ऊर्जावान नेता बताते हुए कहा कि वह विधान परिषद में एक और कार्यकाल के हकदार हैं।
श्री अजित पवार के साथ श्री चव्हाण के संबंधों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता ने वर्ष 2007 में श्री चव्हाण को फोन कर चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था।
श्रीमती पवार ने विश्वास जताया कि चव्हाण को चौथे कार्यकाल के लिए मजबूत समर्थन मिलेगा। उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर बीड और नांदेड़ में मतदाताओं के उत्साह का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि श्री चव्हाण ने विधान परिषद में लगातार विभिन्न मुद्दों को मजबूती से उठाया है। इसलिए महायुति की सामूहिक ताकत के साथ उन्हें दोबारा सदन में भेजा जाना चाहिए।
इस बीच, राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने वित्त विभाग के आवंटन और अजित पवार की मौत की जांच को लेकर रोहित पवार की टिप्पणियों की आलोचना की।
श्री महाजन ने कहा, “हमारी पार्टी पर नजर रखने या दूसरे मामलों में दखल देने के बजाय उन्हें अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए। अगर वह ऐसा करते हैं, तो आगामी चुनावों में उनकी पार्टी दो से चार अतिरिक्त सीटें जीत सकती है।”
